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खुद की गैंग बना 50 लाख की मंथली पाना था मकसद

Tue, 23 Aug 2016 12:49 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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अब पीएफ के पूरे पैसे निकाले जा सकेंगे - फोटो : getty
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 हाईकोर्ट से पैरोल लेकर वापस नहीं लौट रहे लीलू ततारपुरिया का मकसद डॉ. कुलदीप के गैंग से खुद को अलग कर अपना गैंग बनाने की थी। अब तक उसके गैंग में 15 से ज्यादा बदमाश जुड़ चुके थे। यही नहीं ततारपुरिया गैंग का मकसद हर महीने जिले के व्यापारियों से 50 लाख रुपये की मंथली वसूलने की थी। ये खुलासा डीएसपी मोहम्मद जमाल ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में किया।
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उन्होंने बताया कि अपने उभरते गैंग का वर्चस्व बनाने के लिए ही हाल में अजीज गारमेंट के सेल्समैन पर फायरिंग और ब्रास मार्केट रेडीमेड शोरूम के दुकानदार से 10 लाख की रंगदारी मांगी गई थी। बता दें कि हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, फिरौती व मारपीट जैसे मामलों में नारनौल जेल में बंद लीलू ततारपुरिया हाईकोर्ट से पत्नी की बीमारी का बहाना बनाकर 30 मई को छुट्टी लेकर आया था और उसके बाद वापस नहीं लौटा तथा अपनी अलग गैंग बनाकर शहर में वारदातें करनी शुरू कर दी।

लूटी हुई कार से दे रहा था वारदात को अंजाम
बदमाशों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि करीब दो महीने पहले लीलू, उसके गैंग से जुड़े नितिन, बंटी व सुरेंद्र उर्फ सोनू ने मिलकर शहाजहांपुर से एक गाड़ी को किराए पर लिया था। वे कुंडल के पास चालक को फेंककर गाड़ी लूट ले गए थे। लूट की उसकी कार में बदमाश वारदातों को अंजाम देते हुए घूम रहे थे। इतना ही नहीं लीलू गैंग के ही बदमाश कुतुबपुर निवासी गौरव व नितिन और हरचंदपुर निवासी विकास ने 18 अगस्त को पिस्टल प्वाइंट पर आसलवास के निकट स्थित एक शराब ठेके से 13 हजार 920 रुपए की नकदी भी लूटी थी।
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यूपी से मिलते थे हथियार, अब सिमकार्ड्रस की पहचान
लीलू गैंग के बदमाशों ने एक और खुलासा करते हुए डीएसपी ने कि उन्हें हथियार यूपी से मिलते थे। वहीं पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से वो 10 सिम कार्ड जब्त किए हैं जिनका उपयोग धमकी व रंगदारी मांगते थे। पुलिस अब उक्त सिम कार्ड की आईडी चैक कर रही है।
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