जिले के नागरिक अस्पताल में आए दिन विवादों में रहने वाले आर्थोपेडिक सर्जन को लेकर सोमवार को भी सीएमओ ऑफिस के बाहर और फिर अंदर काफी हंगामा हुआ। डॉ. के समर्थन में करीब दो दर्जन लोगों ने सीएमओ से तबादला रुकवाने और नागरिक अस्पताल में ही ड्यूटी रहने देने के लिए कहा।
आशियाकी टप्पा निवासी वीरेंद्र और जीतपुरा निवासी सोनू के साथ आए दो दर्जन से ज्यादा लोगों ने कहा कि डॉ. आरके यादव के समय में उनका बेहतर उपचार होता था। साथ ही आरोप लगाया कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में उनसे उपचार ले चुके पेशेंट्स के साथ अस्पताल में बुरा बर्ताव होता है। वहीं इस बाबत अस्पताल सूत्रों का कहना है कि लोग खुद नहीं आए बल्कि तबादला रुकवाने के लिए दबाव बनवाने के लिए भेजे गए हैं।
सीएमओ भी इस बात से इत्तेफाक रखती हैं। फिलहाल सीएमओ ने डॉ. आरके से ट्रीटमेंट ले चुके पेशेंट्स के साथ अब हॉस्पिटल में होने वाली बदसलूकी की जांच करने के लिए टीम बना दी है।
हंगामा देख बुलानी पड़ी सिटी पुलिस फोर्स
ट्रांसफर रुकवाने की मांग करने वाले लोग इतने अराजक हो गये थे कि लोकल चौकी पुलिस उनके लिए पर्याप्त नहीं दिखी। हंगामे की सूचना पर सिटी थाना प्रभारी हितेंद्र सिंह भी फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। इधर सीएमओ ऑफिस के बाहर हंगामा कर रहे लोग सीएमओ कार्यालय में पहुंच गये। यहां भी काफी देर हंगामा होता रहा।
सिविल सर्जन ने कहा ढेरों मिली शिकायतें, तब की कार्रवाई
वहीं इस बाबत सिविल सर्जन डॉ. पुष्पा बिश्नोई ने हंगामा करने वाले लोगों को सीधा जवाब दिया कि डॉक्टर्स का तबादला रुटीन प्रक्रिया है। वहीं कहा कि उनके सीएमओ रहते और उससे पहले भी कई लोगों ने डॉ.यादव के खिलाफ लिखित शिकायत दे रखी थीं। इनमें से कई शिकायतें इलाज के एवज में रुपये मांगने और कई में किसी स्पेसिफिक सेंटर पर ही जांच कराने की भी थीं। दोषी पाए जाने पर हायर अथॉरिटी को लिखा था। जिसके बाद उन्हें डेपुटेशन पर भेजा गया था।
जानबूझकर लोगों को भेजकर किया जा रहा है परेशान
सिविल सर्जन डॉ. बिश्नोई ने यह भी कहा कि मामले में ट्रांसफर दोबारा रेवाड़ी कराने के लिए राजनीति की जा रही है। पहले भी लोगों को दबाव बनाने के लिए भेजा गया है। इस बार भी अलग-अलग केस के लोगों के एक साथ डॉक्टर के पक्ष में आने से साफ है कि जानबूझकर परेशान करने के लिए यह दबाव बनाया जा रहा है।
हायर अथॉरिटी से करूंगी शिकायत: सीएमओ
नागरिक अस्पताल में ही ट्रांसफर लेने के लिए राजनीति हो रही है। कई शिकायत मिलने के बाद ही पहले भी हायर अथॉरिटी को लिखा था। डेपुटेशन पर जाने के बाद से ही इस तरह की एक्टीविटी हो रही हैं। हां, अस्पताल में अगर मरीजों से दुर्व्यवहार हो रहा है तो जांच करङ कार्रवाई की जाएगी। वहीं हायर अथॉरिटी से इस मामले पर भी शिकायत की जाएगी।
-डॉ.पुष्पा बिश्नोई, सीएमओ, नागरिक अस्पताल