केवीएस पीआरटी परीक्षा का पेपर लीक करने वाले गिरोह के सरगना विजय भुरथला ने दो साल के थोड़े समय में ही मोटी संपत्ति बना ली। 2011 से 2013 में ही उसने अपने और पत्नी के नाम से 65 लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति बनाई।
यही संपत्ति उसने पिछले साल विधानसभा चुनाव मैदान में उतरने के लिए दाखिल नामांकन पत्र में दिखाई है। पुलिस की जांच में विजय की अकूत बेनामी संपत्ति का भी खुलासा हो सकता है।पहले जेबीटी और फिर दिल्ली पुलिस में एसआई की नौकरी विजय को रास नहीं आई। 2010 में तमिलनाडु की अगपा यूनिवर्सिटी से एमए करने के बाद मार्च, 2011 से संपत्ति बनाना शुरू किया।
मार्च, 2013 तक उसने अपने और पत्नी के नाम फ्लैट, गाड़ी और जमीन, दुकान खरीदी। सूत्र बताते हैं कि फिलहाल भुरथला गांव में भी विजय की उसकी आलीशान कोठी का निर्माण चल रहा है। गुड़गांव में भी मकान है, लेकिन यह सब उसने विधानसभा चुनाव के लिए दाखिल नामांकन में नहीं दिखाया है।
इन बैंकों में बताए खाते
विजय भुरथला के कार्पोरेशन बैंक, दिल्ली, पीएनबी रेवाड़ी और कोसली, एसएचजीबी कोसली, यूको बैंक रेवाड़ी और उसकी पत्नी अनीता के पीएनबी रेवाड़ी और एचजीबी और पीएनबी रेवाड़ी में खाते हैं।
ज्वेलरी का है शौकीन
विजय के पास 200 ग्राम सोना और दो किलोग्राम चांदी है। सोने की कीमत करीब साढ़े पांच लाख और चांदी की 80 हजार रुपये है। उसकी पत्नी के पास 9.27 लाख रुपये कीमत का 350 ग्राम सोना और करीब एक लाख रुपये कीमत की ढाई किलोग्राम चांदी है।
कब क्या खरीदा:
मार्च, 2011 में रामपुरा में पौने सात लाख कीमत का यूनिटेक फ्लैट।
अप्रैल, 2012 में पत्नी के नाम महेंद्रगढ़ में करीब चार लाख कीमत की आधे शेयर में दुकान।
मार्च, 2013 में पत्नी के नाम एनएच-8 पर लैंडमार्क विला करीब साढ़े सत्रह लाख में खरीदा।
मार्च, 2013 में ही पत्नी के नाम से बालधन खुर्द में साढ़े सोलह लाख रुपये कीमत की .75 एकड़ कृषि भूमि खरीदी।
2013 में ही इयोन कार 3 लाख 66 हजार रुपये की कार खरीदी।
गोल्ड लोन भी लिया
विजय ने अपने और पत्नी के नाम ने एक फाइनेंस कंपनी से सवा पांच लाख रुपये का गोल्ड लोन भी लिया हुआ है। वहीं पत्नी के नाम तीन अन्य लोगों से करीब 17 लाख रुपये उधार लिया भी बताया है।