नगर परिषद में हुए विभिन्न घोटालों को लेकर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। एसडीएम की जांच, विजिलेंस जांच, स्थानीय लेखा परीक्षक की जांच के बाद शुक्रवार को पुलिस के स्तर पर भी कई अस्थाई कालोनियों में एनओसी देने के मामलों की जांच एसपी ने डीएसपी के सुपरविजन में गठित की एसआईटी को सौंप दी है।
एसआईटी इसके अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष सतीश खोला द्वारा एनओसी के उठाए गए मामले, राज सिनेमा की जमीन पर लाखों की स्टांप ड्यूटी चोरी के साथ ही अन्य मामलों की भी जांच करेगी।
जानकारी के अनुसार जुलाई माह में शहर के मोहल्ला खासापुरा निवासी मनोज कुमार ने नगर परिषद से गलत तरीके से जारी की गई विकास शुल्क की रसीद बारे शिकायत दर्ज कराई थी।
मनोज कुमार की शिकायत पर जांच के बाद शहर थाना पुलिस ने नगर परिषद के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एसपी मनबीर सिंह ने बताया कि मामले में पांच साल के रिकॉर्ड की जांच करने के लिए एसआईटी गठित की गई है।
पुलिस को दी शिकायत में मनोज कुमार ने बताया कि उसने व उसकी पत्नी ने वर्ष 2012 में शारदा देवी से उत्तम नगर कॉलोनी में एक प्लॉट खरीदा था।
इसका विकास शुल्क शारदा देवी ने नगर परिषद में जमा करा कर रजिस्ट्री उनके नाम करा दी थी। हाल में अब मनोज कुमार को घरेलू कार्य के लिए रुपयों की आवश्यकता थी और उसने उक्त प्लॉट को बेचने के लिए शकुंतला देवी से सौदा किया था।
जब रजिस्ट्री कराने के लिए मनोज कुमार नगर परिषद से प्लॅाट की एनओसी लेने गया तो नगर परिषद के अधिकारियों व कर्मचारियों ने उसे बताया कि उसका प्लॉट अवैध कॉलोनी में होने के कारण एनओसी नहीं दी जा सकती। न ही नगर परिषद की ओर सेे मनोज कुमार को कुछ लिखित में दिया गया कि आपका प्लॉट अनाधिकृत कॉलोनी में है।
जिससे साफ है कि नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारियों आपस में साजबाज होकर धोखाधड़ी की है। उक्त मामले की जांच करने के लिए एसआईटी गठित की गई है। यह टीम पांच साल पुराने रिकार्ड की जांच करेगी तथा इस प्रकार से की गई धोखाधड़ी के सभी मामलों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की जाएगी।
अनियमित कालोनियों में हुडा द्वारा विकास शुल्क लिए जाने का मामला
एसपी ने बताया कि हाल ही में भाजपा जिलाध्यक्ष सतीश खोला द्वारा सीएम विंडो पर हुडा द्वारा लिए गए विकास शुल्क की रसीद का हवाला देते हुए शिकायत की गई थी। आरोप लगाया था कि नगर परिषद क्षेत्र में आने वाली अनियमित कालोनियों में हुडा द्वारा लाखों रुपये विकास शुल्क लेकर एनओसी जारी की गई। इस तरह करोड़ो रुपये का विकास शुल्क लिया गया। लेकिन शुल्क लेने के बावजूद हुडा द्वारा इन कालोनियों में एक भी रुपये का विकास नहीं कराया गया।
-राज सिनेमा की जमीन में 96 लाख की स्टांप चोरी का मामला
राज सिनेमा की कामर्शियल जमीन को रिहायशी दिखाकर टुकड़ों में रजिस्ट्री कराई गई। यही नहीं इसमें रजिस्ट्री कराने के नाम पर करीब 96 लाख की स्टांप चोरी किए जाने का भी आरोप है। इस संबंध में वार्ड 11 की पार्षद की शिकायत पर एसडीएम ने जांच की थी। इसकी रिपोर्ट उपायुक्त ने सरकार को भेज दी थी, जिस पर परिषद अधिकारियों के खिलाफ करीब दो माह पूर्व स्टेट विजिलेंस द्वारा केस दर्ज किया जा चुका है।
वित्तीय घोटालों की जांच कर रहे हैं एसडीएम
नगर परिषद में विभिन्न मदों में हुए वित्तीय घोटालों और परिषद प्रधान द्वारा सरकारी धन के दुरूपयोग को लेकर भी एसडीएम मनोज कुमार जांच कर रहे हैं।
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नगर परिषद में एनओसी देने एवं अन्य कई मामलों की जांच के लिए एसडीएम विरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी का इंचार्ज बावल थाने के प्रभारी गौरव फोगाट को बनाया गया है। यह टीम जल्द ही इन मामलों में पिछले पांच साल के रिकार्ड की जांच कर रिजल्ट देगी। जांच के दौरान नगर परिषद, तहसील यव हुडा जिस भी विभाग के अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-मनबीर सिंह, पुलिस अधीक्षक, रेवाड़ी