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Rewari: दहेज हत्या के मामले में दोषी पति को आजीवन कारावास, 20 हजार का जुर्माना भी लगाया

Thu, 08 Sep 2022 09:46 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)

सार

हरियाणा के रेवाड़ी में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बासवाना की अदालत ने सजा सुनाई। 20 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हरियाणा के रेवाड़ी में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बासवाना की अदालत ने गुरुवार को दहेज हत्या के मामले में दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं जमा करने पर आरोपी को एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में खास यह है कि अदालत ने मृतका के भाई व चाचा के अपनी गवाही से मुकरने के बावजूद धारा 302 का वैकल्पिक चार्ज लगाकर आरोपी पति को दोषी करार दिया। 

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मामले में मृतका के भाई देवेंद्र पुत्र बीर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उसकी बहन शिमला की शादी 12 फरवरी 2019 को पंकज पुत्र धर्मवीर निवासी गांव आसरा का माजरा, जिला रेवाड़ी के साथ हुई थी। परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार दान भी दिया था, लेकिन ससुराल वाले शादी में दिए गए सामान से खुश नहीं थे।

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आरोप है कि उसका पति पंकज उसे दहेज कम लाने के लिए पीटता था। शिकायत के अनुसार उसके बाद गांव आसरा का माजरा से 26 जुलाई 2020 की रात्रि को फोन आया था कि उसकी बहन शिमला की मौत हो गई है। उसने आरोप लगाया था कि उसकी बहन की हत्या उसके पति पंकज ने की है। बावल पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस ने मामले की जांच करके अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने पुलिस की ओर से नामजद आरोपियों के खिलाफ गवाह व तथ्य पेश किए।  दोनों पक्षों की ओर से दलील सुनने और पेश साक्ष्य देखने के बाद अतिरिक्त जिला सत्र सरताज बासवाना ने धारा भादसं की धारा 302 के तहत वैकल्पिक चार्ज लगाया।
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केस की गवाही के दौरान मृतका का भाई व चाचा अपनी दी हुई गवाही से मुकर गए, मगर पुलिस के अदालत में पेश तथ्य एवं अभियोजन पक्ष के वकील द्वारा दी गई दलीलों पर एएसजे अदालत ने मृतका के पति पंकज को दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने इस दोषी पर 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी लगाई है। अगर दोषी जुर्माना नहीं भरता है तो उसे एक वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। 

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