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अस्पताल में मरीज के परिजनों ने काटा बवाल

Thu, 09 Feb 2017 01:03 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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मरीज के परिजनों ने काटा बवाल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर के विश्वकर्मा स्कूल समीप स्थित महाराजा अग्रसेन अस्पताल में बुधवार को बच्चे के उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर बवाल काटा। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने बच्चे को रैफर करने में देर की। जिसके चलते सात दिन के बच्चे की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई।
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आनंद नगर निवासी मनोज कुमार ने मंगलवार सुबह करीब दस बजे अपने सात दिन के बच्चे को महाराजा अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद डॉक्टर ने बच्चे की आंतों में इंफेक्शन बताकर उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया। शाम के समय हालत में कुछ सुधार की बात भी परिजनों को कही। बुधवार सुबह डॉक्टर ने बच्चे की तबीयत अधिक खराब होने की बात कहकर रैफर कर दिया। समाचार लिखे जाने तक बच्चे का गुड़गांव स्थित पारस अस्पताल में उपचार चल रहा था।

बच्चे के साथ अटेंडेंट नहीं भेजने पर भड़के ग्रामीण
नवजात के पिता मनोज कुमार ने बताया कि यदि बच्चे को मंगलवार रात को ही रैफर कर दिया जाता तो तबीयत इतनी ज्यादा खराब नहीं होती। मनोज ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने पैसे बनाने के लिए बच्चे को अस्पताल में भर्ती रखा। वहीं सुबह रैफर करने के वक्त परिजनों ने डॉक्टर से एंबुलेंस के साथ एक अस्पताल का अटेंडेंट भेजने की बात कही लेकिन डॉक्टर ने मना कर दिया। मनोज ने बताया रैफर करते समय एक अटेंडेंट भेजना जरूरी होता है लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने ऐसा नहीं करके संवेदनहीनता का परिचय दिया है।
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आनन-फानन में अस्पताल ने लौटाए पैसे
मनोज का आरोप है कि अस्पताल कर्मचारियों ने उससे 36 हजार रुपये लिए। जब उन्होंने सुबह के समय मीडिया बुलाने की बात कही तो डॉक्टर ने आनन फानन में पैसे लौटा दिए। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं अस्पताल कर्मचारियों ने रात के समय उनसे अभद्रता की। मौके पर पहुंची पुलिस अधिकारी ने किसी तरह से मामले को समझाने की कोशिश की।

वर्जन- जिस समय बच्चा मेरे पास लाया गया था, उसकी तबीयत काफी खराब थी। इंफेक्शन के चलते बच्चा दूध नहीं पी रहा था। मेडिकल के हिसाब से उपचार में हर संभव कोशिश की गई थी। उनकी ओर से ठीक समय पर ही बच्चे को रैफर किया गया था। स्टॉफ ने गलती से ज्यादा पैसे ले लिए थे। जो बाद में वापस लौटा दिए गए।
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-डॉ मनीष तनेजा, डॉक्टर महाराजा अस्पताल
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