अस्पताल कैंपस में डॉक्टर के सरकारी क्वार्टर में चोरी मामले में पुलिस की ढीली कार्रवाई से नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों में रोष है। डॉक्टरों का कहना है कि सीसीटीवी में संदिग्ध स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। बावजूद इसके पुलिस चोरों को पकड़ने की बजाय महज कागजी कार्रवाई पूरी करने में जुटी हुई है। हालांकि पुलिस की ओर से बुधवार को फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट द्वारा साक्ष्य जुटाने की कोशिश की गई। डॉक्टरों का कहना है कि यदि पुलिस ने जल्द ही चोर नहीं पकड़े तो वह एसपी से मिलेंगे।
शहर के ट्रॉमा सेंटर के पीछे डॉक्टरों के सरकारी क्वार्टर हैं। इनमें ही एनेेस्थेटिक डॉक्टर केके यादव अपनी पत्नी डॉक्टर शिवांगी के साथ रहते हैं। सोमवार को वह अपने परिवार के साथ नारनौल स्थित अपने पैतृक घर गए थे। लेकिन मंगलवार को लौटे तो घर का ताला टूटा हुआ था। डॉ केके यादव के अनुसार घर के अंदर जाने से पता चला कि करीब चालीस हजार रुपये की नकदी एवं आभूषण गायब थे।
सीसीटीवी में कैद हो गए थे संदिग्ध
डॉ केके यादव ने बव्ताया कि मंगलवार को एक स्कूटी पर सवार होकर दो युवक मीटर रीडिंग लेने की बात कहकर कंपाउंड में घुसे थे। उन्होंने बताया कि गेट पर बैठे सिक्योरिटी गार्ड के अनुसार दोनो संदिग्ध मंगलवार को दोपहर 2:25 मिनट पर अंदर घुसे थे। डॉक्टर का कहना है कि पुलिस ने अभी तक सीसीटीवी फुटेज तक को चैक नहीं किया है। चोरों को पकड़ना तो दूर की बात है।
----------------------
वर्जन- डॉक्टर चौबीसों घंटे लोगों के स्वास्थ्य को ठीक करने में लगे रहते हैँ। उन्हें किसी भी वक्त घर छोड़कर मरीज के उपचार के लिए आना पड़ता है। लेकिन जब डॉक्टर के घर सुरक्षित नहीं रहेंगे तो असुरक्षा के माहौल में वह कैसे उपचार कर पाएंगे। यदि चोर नहीं पकड़े गए तो बृहस्पतिवार को डॉक्टर सभी डॉक्टर एसपी से मिलेंगे।
-डॉ सुदर्शन पंवार, एसएमओ, रेवाड़ी।
-----
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं। बुधवार को फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट के माध्यम ये साक्ष्य जुटाए गए हैं। वह स्वयं मामले को देख रहे हैं। जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा।
-कर्मबीर खटाना, एसएचओ, सिटी