रेवाड़ी। जिस सूबे में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान जोरशोर से चलाया जा रहा है उसी सूबे के रेवाड़ी जिले में हैवानियत की हदें पार कर देने वाली एक घटना ने लोगों को आहत कर दिया है। जिले की एक बहू की कोख में पल रही बेटी का ससुरालियों ने कत्ल करवा दिया। जुर्म की ये इंतहा यहीं नहीं थमी, दोबारा जब विवाहिता ने एक बेटी को जन्म दिया तो उसे इसकी पूरी कीमत चुकानी पड़ी।
ससुरालियों ने उसे बेरहमी से पीटा और 10 दिनों तक बंधक बनाए रखा। इतना ही नहीं बेटी का हालचाल लेने गए पिता का भी सिर फोड़ दिया गया।
मंगलवार को रेवाड़ी जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र के सुभाष बस्ती में एक बहू को बेरहमी से प्रताड़ित करने का एक मामला सामने आया। राजस्थान के दौसा निवासी एक व्यक्ति का आरोप है कि उसकी बेटी के पति और ससुराल वालों ने पहले तो बेटी के कोख में पल रही बेटी को जबरन गिरवा दिया। इसके बाद जब उसने दोबारा बेटी को जन्म दिया तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
पिछले 10 दिन से उसे घर में ही बंधक बनाकर बेरहमी से पिटाई की गई। सुबह जब वे अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बेटी का हालचाल जानने पहुंचे तो ससुरालियों ने उनका सिर भी फोड़ दिया। बताया जाता है कि आरोपी पति तलाकशुदा है, और शादी के दौरान यह बात छुपाई गई थी। फिलहाल पिता और पुत्री दोनों ट्रामा सेंटर में उपचाराधीन हैं।
सिर पर मूसली और लोहे की रॉड से किए कई वार
राजस्थान के दौसा जिला निवासी जगदीश प्रसाद शर्मा ने अपनी बेटी कविता की शादी नवंबर 2013 में शहर के सुभाष बस्ती में की थी। कविता का पति गुड़गांव के सेक्टर-14 स्थित कोऑपरेटिव बैंक शाखा में मैनेजर है। पीड़िता कविता का आरोप है कि चार महीने पहले उसने बेटी को जन्म दिया। जिसके बाद से ही पति समेत ससुराल के सभी लोग उसे प्रताड़ित करते हुए मारपीट करने लगे।
पिछले 10 दिन से तो उसे स्टोर में बंधक बनाकर इमाम दस्ते की लोहे की मूसली और लोहे की रॉड से रोजाना पीटा गया। यही नहीं उसके सिर पर भी कई जगह वार किए गए। मंगलवार को हालचाल लेने के लिए दौसा से कविता के पिता जगदीश और मां गीता देवी पहुंची। ससुराल में बेटी को घायल देख कारण पूछने पर पिता को भी कुर्सी और लोहे की रॉड से पीटकर घायल कर दिया गया।
लिंग जांच कर करवाया कत्ल
अस्पताल में उपचाराधीन कविता ने बताया कि शादी के बाद वह पहले भी एक बार गर्भवती हुई थी। तब पति और ससुरालीजनों ने जबरन लिंग जांच करवाई। कोख में बेटी होने की बात पता चलने पर जबरन गर्भ गिरवा दिया गया। यही नहीं इसके बाद लगातार बेटा पैदा करने का दबाव बनवाने के साथ ही कई कारण बताते हुए मायके से रुपये भी मंगवाए।
बेटी होने के कारण ही पहली पत्नी को दिया था तलाक
पीड़िता कविता के पिता जगदीश ने बताया कि उसने अपनी बेटी की शादी जिस व्यक्ति से की थी तब उसने और उसके परिजनों ने इस बात की जानकारी नहीं दी थी कि वह तलाकशुदा है। उसकी शादी पहले ही नारनौल निवासी एक महिला से हुई थी। जिससे उसे एक बेटी भी है। आरोप है कि वह अपनी पहली पत्नी को भी परेशान करता था। जिसके बाद पत्नी ने तलाक ले लिया।
चार बार कंट्रोल रूम पर फोन, नहीं पहुंची पुलिस
पीड़ित पक्ष के लोगों का कहना है कि सुबह की घटना के बाद से शाम साढ़े चार बजे तक चार बार पुलिस के कंट्रोल रूम नंबर पर फोन किया गया। लेकिन पुलिस महकमे की ओर से कोई भी कार्रवाई के लिए नहीं आया। इसके बाद मामले की जानकारी एसपी को देने के लिए फोन किया गया।
वर्जन
मामले में जानकारी मिलने के बाद पुलिस कर्मचारियों को ट्रॉमा सेंटर में भेजा गया है। बयान लिए जा रहे हैं। इसके बाद केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
सुरेंद्र सिंह, एसएचओ, रेवाड़ी