रेवाड़ी जिले के खोल क्षेत्र की ढाणी कोलाना में रात के अंधेरे में जुगाड़ के जरिए लिंग जांच कराने वाले वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गुड़गांव स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरएमपी सहित आठ लोगों को दबोच लिया। कार्रवाई शुक्रवार रात की गई और करीब तीन बजे तक चली।
जांच टीम ने खुलासा किया है कि लिंग जांच के लिए यह गिरोह टीवी, माइक और डीवीडी का इस्तेमाल कर लोगों को ठगता था। गिरफ्तार किए आरोपियों में खुद को आरएमपी डॉक्टर बताने वाला 10वीं पास युवक चरणसिंरह, पेशेंट लाने और ले जाने वाले उसके तीन अन्य साथियों के अलावा जांच कराने आई महिला और उसके तीन रिश्तेदार समेत आठ लोग शामिल हैं। मौके से फर्जी अल्ट्रासाउंड उपकरण (घरेलू इलेक्ट्रानिक सामान) के साथ ही भारी मात्रा में दवाइयां भी जब्त की गई हैं।
गुप्ता सूचना के आधार पर गुड़गांव सिविल सर्जन डॉ. रमेश धनखड़, ड्रग कंट्रोल अधिकारी अमनदीप चौहान और रेडक्रॉस सचिव श्याम सुंदर की टीम ने पुलिस के साथ छापेमारी अभियान शुरू किया, जो शनिवार सुबह तक चला। अमनदीप चौहान ने बताया कि सूचना मिली थी कि नरेश नाम का व्यक्ति लिंग जांच कराता है।
इसके बाद फोन नंबर पर उससे संपर्क किया गया और लिंग जांच के लिए 17 हजार रुपये में सौदा तय किया। इसके बाद गुड़गांव डीसीपी क्राइम को जानकारी देकर स्वास्थ्य विभाग की टीम तैयार की गई। नकली ग्राहक को पटौदी रोड पर ले जाया गया, फिर यहां से एक एजेंट रेवाड़ी के ढाणी कोलाना ले गया। वहां पहुंचने पर उसे कच्चे रास्ते से एक झोपड़ी में ले जाया गया। इसी दौरान छापा मारकर टीम ने नरेश, लिंग जांच कराने आई महिला सरिता और उसके रिश्तेदार सतबीर, भारतराम व राजुकमार, आरएमपी चरणसिंह और पेशेंट लाने-ले जाने वाले सोनू और पवन को धर दबोचा।
...ऐसा पहला मामला
सिविल सर्जन डॉ. रमेश धनखड़ ने बताया कि यह अपने आप में पहली तरह का मामला है। गिरोह एक टीवी, माइक और डीवीडी के जरिये लिंग जांच बताता था, जो सैद्धांतिक सही नहीं है।
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गुड़गांव स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खोल क्षेत्र के गांव से फर्जी लिंग जांच करने वाले गिरोह को पकड़ा है। सभी के खिलाफ पीसी-पीएनडीटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं अन्य आईपीसी की धाराओं में भी मामला दर्ज होगा।
- डॉ. यश गर्ग, डीसी, रेवाड़ी