दीवाली की शाम हुए जानलेवा हमले के मामले में उपचाराधीन रही महिला की मौत हो गई। सगे भाइयों के बीच प्लॉट के विवाद में कसौला थाना क्षेत्र के गांव बांमड़ फतेहपुरी में हुई इस घटना के बाद बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। वहीं पीड़ित परिजनों ने मामले में हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
बांमड़ फतेहपुरी निवासी समय सिंह ने बताया कि उनके बड़े भाई महेशराम ने गांव के पास ही एक प्लॉट पर कब्जा कर रखा है। समय सिंह के डिफेंसकर्मी छोटे बेटे सचिन के अनुसार दीवाली की शाम करीब पांच बजे ताऊ महेशराम अपनी पत्नी रामरती, बेटे प्रदीप, सतेंद्र, बहू शर्मीला और सुशीला के साथ धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से लैस होकर आए और पिता समय सिंह, मां पवित्रा देवी और बड़े भाई सुधीर पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। हमले में पिता और भाई के अलावा मां पवित्रा गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इसके बाद बुधवार दोपहर उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
सिर के अलावा कमर पर भी थे कई टांके
सचिन ने बताया कि घटना के बाद तीनों को ट्रॉमा सेंटर में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। जहां से सभी को 16 को डिस्चार्ज कर दिया गया था। इसके बाद से ही मां की तबियत खराब चल रही थी और उन्हें सांस संबंधी दिक्कत हो रही थी। डॉक्टर्स ने इसे कमजोरी बताया था। बाद में शहर के एक निजी अस्पताल में जांच के दौरान घावों के चलते खून इंफेक्टेड होने की बात पता चली।