रेवाड़ी में स्थित नागरिक अस्पताल के एक डॉक्टर व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को बुधवार को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। दोनों ने दिव्यांग महिला का सर्टिफिकेट बनाने की एवज में 25 हजार रुपए मांगे थे। दोनों को 15 हजार रुपए की रकम लेते हुए गिरफ्तार करने के बाद टीम अपने साथ ले गई। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम की कार्रवाई के बाद नागरिक अस्पताल में हड़कंप मच गया है। बतादें कि मंगलवार शाम को नागरिक अस्पताल में सीएम फ्लाईंग की टीम द्वारा भी छापामारी की गई थी। उसके बाद भी यहां के चिकित्सक व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के हौंसले बुलंद है।
दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर मांगे थे 25 हजार रुपये
जानकारी के अनुसार, जिले के गांव नांधा निवासी अमित की मां दिव्यांग है। उसे अपनी मांग का दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाना था। पिछले बुधवार को वह अपनी मां को साथ लेकर रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल आया था। ओपीडी की पर्ची कटवाने के बाद मां-बेटे बोर्ड के समक्ष पहुंचे। अमित ने आरोप लगाया कि वहां पर डा. साहिल यादव व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राहुल ने उससे प्रमाण पत्र जारी करने की एवज में 25 हजार रुपए की डिमांड की। अमित ने उन्हें पांच हजार रुपए दे दिए।
टीम ने 15 हजार रुपये नकद लेते किया काबू
अमित ने बताया कि चार दिन पहले वह शनिवार के दिन फिर से दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए नागरिक अस्पताल में आया था। इस दौरान दोनों आरोपियों ने उससे बची हुई रकम देने की मांग की, लेकिन अमित ने साफ कर दिया कि वह दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनने के बाद ही बचे हुए रुपए देगा। इसके बाद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अमित के घर तक पहुंच गया और रिश्वत की बची हुई राशि मांगी। अमित ने बुधवार को दिव्यांग प्रमाण पत्र बनने के ही रुपए देने की बात कह कर राहुल को वापस भेज दिया।
शिकायतकर्ता चार दिन पूर्व आया था नागरिक अस्पताल में प्रमाण पत्र बनवाने
इस बीच पीड़ित अमित ने डाक्टर व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तरफ से मांगी गई रिश्वत की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दे दी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने आज दोनों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और टीम अस्पताल पहुंच गई। अमित ने आरोपियों को रिश्वत के 15 हजार रुपए दे दिए। रुपए लेते ही विजिलेंस की टीम ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व डा. साहिल यादव को गिरफ्तार कर लिया। रेड पड़ते ही नागरिक अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।