बदमाशों के दिल में खाकी का कितना खौफ है इसका अंदाजा बुधवार शाम करीब पांच बजे दिन-दहाड़े हुई वारदात से लगाया जा सकता है। राजीव चौक के पास टेंपो लेकर खड़े बदमाशों ने एक्सीडेंट का माहौल बना दिनदहाड़े युवकों के कार से उतरने के बाद उन्हें ईंट मारकर घायल कर कार में रखे 9.70 लाख रुपये लूट लिए।
खास बात यह है कि जिस जगह की यह वारदात बताई जा रही है वहां से कोर्ट और लघु सचिवालय स्थित एसपी और डीसी कार्यालय और आवास भी चंद कदमों की दूरी पर ही हैं। घटना के बाद पुलिस को सूचना देने के बाद घायल दोनों युवक खुद ही ट्रामा सेंटर आकर भर्ती हुए।
कैटरिंग के काम के चलते निकाले थे 10.70 लाख
ट्रामा सेंटर में भरती योगेश ने बताया कि वह अलवर जिले के कोटकासिम करीरीवास निवासी हैं और कैटरिंग का काम करते हैं। बगथला निवासी उनका दोस्त रविंद्र भी साथ में काम संभालता है। योगेश के अनुसार कैटरिंग के सामान और स्टाफ की पेमेंट के लिए बुधवार शाम को साथी रविंद्र के साथ अपनी वर्ना कार से धारूहेड़ा चुंगी स्थित बंधन बैंक पहुंचा और वहां से 10.70 लाख रुपये निकाले। यहां से कार की किस्त के एक लाख रुपये ब्रास मार्केट में देते हुए एक और पेमेंट के लिए जा रहे थे।
एक्सीडेंट का माहौल बना दिया वारदात को अंजाम
शाम करीब पांच बजे वे कार से राजीव चौक के पास ही पहुंचे थे कि अचानक सामने पहले से ही खड़े दो टेंपो अचानक कार के सामने आ लगे। एक्सीडेंट होने की संभावना के चलते दोनों कार को खुला ही छोड़कर बाहर निकले। इसी दौरान टेंपो से निकले पांच लोगों में से किसी ने दोनों के सिर व शरीर पर ईंट से वार कर दिया। इसी बीच किसी ने कार से 9.70 लाख रुपये निकाले। विरोध करने पर और घायल किया और मौके से बावल रोड की ओर टेंपो लेकर फरार हो गए।
कहीं बैंक से ही नहीं हुई युवकों की रैकी
योगेश के अनुसार बदमाश पहले से ही टेंपो लेकर खड़े थे। इससे साफ है कि वारदात से पहले पूरी रैकी हुई है। वहीं रुपये निकाले जाने के बाद से योगेश अपने साथी रविंद्र के साथ ब्रास मार्केट में गाड़ी की किस्त के 1 लाख रुपये देने के लिए ही रुका। ऐसे में बहुत ज्यादा उम्मीद जताई जा रही है कि बैंक में रैकी करने के बाद बदमाशों ने पीड़ित युवकों के पास कुछ साथी उनकी लोकेशन के लिए रख छोड़े हों। और उधर कुछ बदमाश लोकेशन पता करते हुए पहले से ही राजीव चौक पर खड़े हो गए हों।
खुद 4 किमी तक पीछा किया, पुलिस क्यों नहीं पहुंची
पीड़ितों का यह भी आरोप है कि घटना यानी मारपीट और लूटपाट होने के दौरान ही उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम नंबर पर फोन कॉल किये थे। इसके बाद बदमाशों के टेंपो से भागने के दौरान तीन से चार किलोमीटर तक बावल रोड पर बदमाशों का पीछा भी किया। लेकिन तब तक न तो पुलिस का फोन आया और न ही माहौल देखकर लगा कि वीटी ही हुई है।
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मामले में पीड़ित युवकों के बयान ले लिये गए हैं। वहीं जिस टेंपो का नंबर युवकों ने दिया है उसे भी ट्रेस कर लिया गया है। जल्द ही मामले का खुलासा हो जाएगा।
-संजीव बलहारा, डीएसपी क्राइम