अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
गांव मोतला खुर्द में कार्यरत एक जेबीटी अध्यापक पर गोली चलाकर हत्या का प्रयास करने वाले उसी स्कूल के अन्य अध्यापक और उसके बेटे को एडिशनल सेशन जज दीपक अग्रवाल की कोर्ट ने दोषी करार देते हुए पांच साल कैद और जुर्माना की सजा सुनाई है।
गांव बेरली कलां निवासी धीरेंद्र यादव गांव मोतला खुर्द स्थित प्राथमिक पाठशाला में बतौर जेबीटी अध्यापक नियुक्त था। इसी स्कूल में गांव कंवाली निवासी सत्यनारायण भी बतौर अध्यापक नियुक्त था। मिड-डे मील में गबन की शिकायत होने के बाद सत्यनारायण काफी गुस्से में था। 22 दिसंबर 2017 की दोपहर धीरेंद्र स्कूल की छुट्टी होने के बाद घर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान अध्यापक सत्यनारायण और उसका बेटा शुभम नारायण वहां पहुंचे। दोनों कुछ सामान रखने के बहाने स्कूल में पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों ने मिलकर जेबीटी अध्यापक धीरेंद्र को अंदर कमरे में बुलाया और फिर सत्यनारायण ने गोली चला दी। गोली धीरेंद्र की छाती में लगी थी। जाटूसाना थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर पिता पुत्र को गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद से ही मामला कोर्ट में विचाराधीन था। इस मामले में पीड़ित पक्ष के अलावा पुलिस, डॉक्टर और गवाहों की भी कोर्ट में गवाही हुई। मंगलवार को एडिशनल सेशन जज दीपक अग्रवाल ने बाप-बेटों को दोषी मानते हुए उन्हें सजा सुनाई। सत्यनारायण को हत्या के प्रयास में 5 साल और 5 हजार रुपये जुर्माना तथा आर्म्स एक्ट में तीन साल 3 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है, जबकि उसके बेटे शुभम नारायण को हत्या के प्रयास के मामले में 5 साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।