अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमा की अदालत ने सोमवार को नौ साल की दिव्यांग बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। घटनाक्रम के अनुसार रामपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव में नौ साल की दिव्यांग बच्ची से 30 जनवरी को दुष्कर्म की घटना हुई थी। यह नाबालिग दिव्यांग बच्ची 30 जनवरी की शाम को अपने घर के निकट खेल रही थी। अचानक ही वह वहां से गायब हो गई। परिवार के सदस्यों को बच्ची नहीं मिली तो उसकी तलाश शुरू की थी। वह बच्ची को ढूंढते हुए पड़ोसी युवक योगेश उर्फ मिंटू के घर पहुंचे तो उसके टायलेट की लाइट जली हुई थी। वहां पहुंचे तो योगेश बच्ची के साथ दुष्कर्म कर रहा था। आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया था। महिला थाना पुलिस ने बच्ची की मां की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट व सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया था। अदालत ने सभी गवाहों के बयान व पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी योगेश को बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को दस साल की कैद व 11 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को दस साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।