अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
नगर परिषद की कार्यशैली भी बड़ी अजीब नजर आ रही है। पहले 25 लाख खर्च कर डिवाइडर लगाए जाते हैं, इस दौरान व्यापारी विरोध भी करते हैं, लेकिन उनकी आवाज को अनसुना कर दिया जाता है। अब एक साल बाद उन्हीं डिवाइडरों को हटाया जा रहा है और ताज्जुब की बात तो यह है कि जब व्यापारी विरोध कर रहे थे तो आज उसी विरोध को डिवाइडर हटाने का आधार बनाया जा रहा है।
जिस विभाग के पास शहर की योजनाओं को बनाने एवं क्रियान्वयन का जिम्मा हो और वही अंधा बन काम करे तो शहर के हालात आसानी से समझे जा सकते हैं। नगर परिषद रेवाड़ी में विकास की दुहाई देकर अधिकारियों से लेकर प्रधान तक बदले गए, लेकिन हालात जस के तस बने है।
गौरतलब है कि नगर परिषद की ओर से करीब एक साल पहले रेलवे जंक्शन से लेकर शहर के बाजार में भाड़ावास गेट तक 25 लाख रुपये की लागत से डिवाइडर रखे थे। व्यापारियों से लेकर शहर के प्रबुद्ध लोगों ने नप के इस कार्य का विरोध भी किया था। लेकिन घालमेल के चलते उस समय किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। करीब एक साल बाद नप ने व्यापारियों के विरोध को ही आधार बनाते हुए शहर के बीच इन डिवाइडरों को हटा दिया है। अब बड़ा सवाल यह है कि शहरवासियों की लाखों रुपये की गाढ़ी कमाई की इस बर्बादी का कौन जिम्मेदार है और जो जिम्मेदार है क्या उनपर कार्रवाई हो पाएगी।
अतिक्रमण की कार्रवाई भी ठंडे बस्ते में
शहर के बीच डिवाइडर रखने का उद्देश्य अतिक्रमण को रोकना था, लेकिन बिना योजना किए इस कार्य ने समाधान की बजाय परेशानी बढ़ा दी। ईओ मनोज यादव ने अपनी नियुक्ति के कुछ समय बाद ही शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए जोर-शोर से अभियान चलाया। इसके सकारात्मक परिणाम भी दिखने लगे थे। लेकिन एक समाज के प्रधान एवं पार्षद पति के भाई की दुकान से अतिक्रमण हटाने एवं यहां पर मारपीट के मामले ने अभियान पर पानी डाल दिया। घटना के बाद पार्षदों की एकजुटता के चलते विधायक भी बैकफुट पर नजर आए। वहीं ईओ ने भी अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव कर दिया।
शहर के विकास कार्य भी ठप
कांग्रेस की प्रधान बदलने के बाद शहरवासियों को उम्मीद जगी थी कि शहर के विकास कार्यों को गति मिल पाएगी। लेकिन हालात पहले से भी बदतर हो गए हैं। भाजपाइयों की आपसी खींचतान ने विकास कार्यों पर ब्रेक लगा दिया है। कुछ काम हुए तो उनमें भी खामियों की शिकायत मिली।
व्यापारियों की शिकायत के बाद बाजार के बीच से डिवाइडर हटा दिए हैं। इन डिवाइडरों को अन्य जगहों पर उपयोग में लाया जाएगा। वहीं बाजार में दोनों ओर नाला बनाने के साथ सड़क के बीच में लोहे की ग्रिल लगाई जाएगी। विकास कार्य भी प्रगति चल रहे है। -मनोज यादव, ईओ, नगर परिषद