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बावल की मल्टीनेशन कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर एंठे 22 लाख रुपये, थमाएं फर्जी नियुक्ति पत्र

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अमर उजाला ब्यूरो
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रेवाड़ी। कसौला थाना पुलिस ने बावल औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक कंपनी में नौकरी लगाने के नाम पर कुछ युवाओं से 22 लाख रुपये ठगी का मामला दर्ज किया है। आरोपियों में पिता-पुत्र शामिल हैं। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया, जिसकी पहचान चांदपुर की ढाणी निवासी रूपेंद्र सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार गांव जड़थल निवासी रामबीर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि है कि उसका बेटा सोनल गांव मालपुरा स्थित एक खेल अकेडमी में जाता है। वहीं पर रसियावास निवासी सचिन भी खेलने के लिए आता है। सचिन ने सोनल को बताया कि उसके भाई विक्रांत व पिता सुनील की बावल स्थित वाइकेके कंपनी के बड़े अधिकारी चांदपुर की ढाणी निवासी रूपेंद्र के साथ पहचान है और वह कंपनी में नौकरी लगवाता है। सचिन, विक्रांत व सुनील ने बताया कि कंपनी द्वारा नए प्लांट के लिए भर्ती की जानी है। प्रत्येक युवक को नौकरी के लिए 2 लाख रुपये देने होंगे और उन्हें अच्छी स्थायी नौकरी मिल जाएगी।
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फर्जी ट्रेनिंग और नियुक्ति पत्र भी थमाया
आरोपियों ने रेवाड़ी व महेंद्रगढ़ के 11 युवाओं से 22 लाख रुपये ले लिए। रामबीर के अनुसार गांव जड़थल में सचिन, विक्रांत, सुनील व रूपेंद्र को 22 लाख रुपये दे दिए। आरोपियों ने उन्हें कंपनी के लैटरहैड पर ट्रेनिंग व नियुक्ति पत्र पर भी रजिस्ट्री से उन्हें भेजे। पहचान पत्र व वेतन के लिए विजया बैंक में खाते खुलवाए और अंबेडकर चौक रेवाड़ी स्थित एक निजी अस्पताल में सभी का मेडिकल भी कराया। रूपेंद्र ने टेलर से बच्चों की वर्दी बनावाई और जूते भी दिलाए। वे कंपनी में पहुंचे तो पता लगा कि उन्हें कोई नौकरी नहीं दी है। रामबीर ने आरोप लगाया है कि चारों ने फर्जी नियुक्ति पत्र व ट्रेनिंग लेटर देकर उनसे 22 लाख रुपये ठग लिए। कसौला थाना पुलिस ने रामबीर की शिकायत पर सचिन, विक्रांत, सुनील व रूपेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी रूपेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है।
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