चिटफंड कंपनी: रुपए दोगुना करने के लिए जमा कराए करीब 10 करोड़, वसूली के लिए लगा रहे पुलिस के चक्कर
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
ब्रास मार्केट स्थित एक चिटफंड कंपनी ने रुपए दोगुना करने का लालच देकर 21 लोगों के करीब 10 करोड़ रुपए ठग लिए हैं। कंपनी में निवेश करने वाले लोगों ने शनिवार को सेक्टर-3 स्थित पुलिस चौकी में शिकायत दी। पुलिस ने जब सुनवाई नहीं की तो लोगों ने जमकर हंगामा किया। साढ़े तीन बजे कंपनी के एमडी चौकी पहुंचे तो नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। बाद में मामला बढ़ने पर पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
शहर के ब्रास मार्केट में एक चिटफंड कंपनी ने सात साल पहले कार्यालय खोला था। लोगों को निवेश के लिए आकर्षित करने के लिए आश्वासन दिया कि पांच साल में धन दोगुना किया जाएगा। इस लालच में करीब 21 लोगों ने इसमें मोटी रकम लगा दी। इसके अलावा कम रकम लगाने वालों की भी संख्या काफी है। शुरूआत में सब कुछ ठीकठाक चल रहा था। करीब दो वर्ष पूर्व कंपनी के अधिकारियों ने जमा रुपयों को लौटाने में आनाकानी करनी शुरू कर दी। लोगों ने कंपनी पर रुपए निकलवाने का दबाव देना शुरू कर दिया। इस दौरान कंपनी ने शहर में खोले कार्यालय को भी बंद कर दिया। लोगों ने पुलिस अधीक्षक को कंपनी के अधिकारियों की लिखित शिकायत दी। पीड़ितों ने बताया कि शनिवार को सुबह 10 बजे सेक्टर-3 पुलिस चौकी में बुलाया गया था, लेकिन कंपनी का एमडी दोपहर बाद करीब साढे़ तीन बजे पुलिस चौकी पहुंचा। उसके पहुंचते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा लोगों ने पुलिस अधिकारियों के सामने ही उसे खरीखोटी सुनानी शुरू कर दी है। कई बार कंपनी के एमडी और पीड़ित लोगों में हाथापाई की भी नौबत आई।
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15 दिन से काट रहे हैं चक्कर
पीड़ित लोगों ने 9 अप्रैल को पुलिस अधीक्षक को चिटफंड कंपनी के खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन लोगों का आरोप है कि 15 दिनों से वे कभी मॉडल टाउन थाना तो कभी सेक्टर-3 पुलिस चौकी के चक्कर काट रहे हैं। पुलिस अधिकारी उनकी समस्या का समाधान करने की बजाए उन्हें टरका रहे हैं। करीब छह माह पूर्व खोल थाने में भी पीड़ित उपभोक्ताओं द्वारा शिकायत दी गई थी। यहां कंपनी के एमडी द्वारा मार्च माह से पहले सभी लोगों के रुपए लौटाए जाने के लिए लिखित रूप से कहा गया था, लेकिन कभी तक कंपनी की तरफ से किसी भी उपभोक्ता को रुपये नहीं लौटाए गए हैं।
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सुबह बुलाया साढ़े तीन बजे तक कराया इंतजार
सेक्टर-3 पुलिस चौकी ने पीड़ितों को सुबह करीब 10 बजे चौकी में बुला लिया था, लेकिन कंपनी का एमडी दोपहर बाद करीब तीन बजे थाने पहुंचा। इस कारण पीड़ित लोगों को करीब छह घंटे थाने में भूखा-प्यासा बैठा रहना पड़ा। कंपनी के एजेंटों का कहना था कि उन्होंने लोगों के रुपये कंपनी में जमा कराए हैं। अब कंपनी द्वारा रुपये नहीं लौटाने पर उपभोक्ताओं द्वारा उनको परेशान किया जा रहा है।
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क्या कहते हैं कंपनी अधिकारी
कंपनी अपनी संपत्ति को बेचने का प्रयास कर रही है। जल्द ही संपत्ति को बेचकर लोगों के जमा रुपए ब्याज सहित वापस लौटाए जाएंगे। इस प्रक्रिया में करीब छह माह लगेंगे। इंद्र सिंह, एमडी
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क्या कहते हैं पीड़ित
चिटफंड कंपनी द्वारा की गई धोखाधड़ी की शिकायत दिए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कंपनी के एमडी द्वारा ना तो उनके फोन उठाए जाते है और ना ही उनके जमा रुपए को लौटाया जा रहा है। लंबे समय से उन्हें परेशान किया जा रहा है। धर्मबीर, बोहड़ा खुर्द
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कंपनी के फ्राड से करीब 12 दिन पूर्व पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी गई थी, लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अपने रुपयों के लिए उन्हें पुलिस थानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
महेंद्र, धारूहेड़ा
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दोगुने रुपयों के लालच में कंपनी में रुपये जमा कराए थे, लेकिन पिछले दो साल से वह अपने रुपये लेने के ही भटक रहे हैं। कोई भी उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रहा है। मोहनलाल, धारूहेड़ा
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कंपनी की ओर से लोगों का रुपया दोगुना करने का वायदा किया गया था, लेकिन कंपनी ने ना तो किसी का भी धन दोगुना किया और ना ही लोगों के रुपये वापस लौटाए। वह स्वयं करीब एक करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है। रंजना, बिठवाना