दो हजार रुपये की रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
विजिलेंस टीम ने बुधवार दोपहर को रेवाड़ी शहर के पटवारी विक्रम सिंह को तहसील कार्यालय में दो हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पटवारी ने यह रिश्वत गांव मंदौला निवासी एक व्यक्ति से प्लाट का इंतकाल दर्ज करने की एवज में मांगी थी। युवक ने पटवारी के रिश्वत मांगने की कॉल भी रिकार्ड कर ली। इसके बाद उसे विजिलेंस को सौंप दिया। विजिलेंस की इस कार्रवाई से एक बार फिर तहसील में भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। सरकार का दावा है कि ऑनलाइन सिस्टम होने के बाद इसमें सुधार हुआ है।
गांव मंदौला निवासी पंकज कुमार ने बताया कि उन्होंने शहर की दुर्गा कालोनी में एक प्लाट खरीदा था। 20 मार्च को उन्होंने प्लाट की रजिस्ट्री कराई और 30 मार्च को शहर के पटवारी विक्रम सिंह को इंतकाल दर्ज करने के लिए कागजात दिए थे। उसके अनुसार चार से पांच बार इंतकाल दर्ज कराने के लिए पटवारी से मिले, परंतु काम नहीं हुआ। इसके बाद जब उसने इस बारे में पटवारी से बातचीत की तो उसका इशारा साफ था कि बगैर भेंट पूजा के काम बिल्कुल भी नहीं होगा। कार्य नहीं होने के कारण जब पंकज चक्कर लगाता रहता तो मंगलवार को पटवारी ने उससे फोन कर दो हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
विजिलेंस को दी शिकायत
पटवारी द्वारा फोन पर रिश्वत मांगने की बात पंकज ने रिकार्ड कर ली। बुधवार को रेवाड़ी विजिलेंस इंस्पेक्टर विनोद कुमार को पटवारी के खिलाफ लिखित शिकायत दी। शिकायत मिलने के बाद इंस्पेक्टर विनोद कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। सहायक खाद्य आपूर्ति नियंत्रक जय यादव को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। रेवाड़ी तहसील में दो हजार रुपये देने के बाद पटवारी ने पंकज को प्लाट का इंतकाल सौंप दिया। इशारा मिलते ही विजिलेंस की टीम ने पटवारी को मौके पर ही दबोच लिया। विजिलेंस ने पटवारी विक्रम के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विजिलेंस की टीम ने इंस्पेक्टर विनोद कुमार के साथ एएसआई सतबीर सिंह, रणधीर सिंह, मनोज कुमार, अर्जुन सिंह सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।