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8 युवक गंभीर रूप से घायल

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निजी बस को साइड में लगवाकर सवारियों से मारपीट
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
रेवाड़ी- नारनौल मार्ग स्थित गांव धामलावास के समीप सोमवार सुबह कुछ लोगों ने एक निजी परमिट की बस को रुकवाकर उसमें सवार यात्रियों की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। जिससे बस में सवार आठ युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को निजी वाहनों से ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया। आरोप है कि बस चालक ने आरोपियों का इशारा पाकर बस को रॉन्ग साइड में रोक दिया जबकि कंडक्टर ने बस में सवार अपने गांव की सवारियों का बचाव किया। इसमें बस चालक और परिचालक का भी हाथ होने का संदेह है। हालांकि पिटाई किस कारण की गई इसका देर शाम तक पता नहीं लग सका। रामपुरा थाना पुलिस ने चालक लीलू, परिचालक कर्मबीर, प्रवीण, विपिन, वैभव आदि सहित आधा दर्जन युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार गांव खालेटा से रेवाड़ी तक चलने वाली निजी परमिट की बस सोमवार की सुबह सवारियों से भरकर रेवाड़ी आ रही थी। बस में करीब 60 लोग सवार थे। धामलवास के समीप रास्ते में खड़े करीब 30-35 लोगों ने बस को साइड में लगवा दिया। बस रुकते ही उन्होंने यात्रियों की लाठी और डंडों से सवारियों की पिटाई शुरू कर दी। जिससे बस में सवार शागीर मोहम्मद, बलजीत, सुमित, संगवार, जयपाल, समीर सहित आठ युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। बीच-बचाव में आए कई यात्रियों को भी हल्की चोट आई हैं। हमलावर पिटाई के बाद वहां से भाग निकले।
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बस से आए रामपुरा थाना
पिटाई की घटना करीब आधा घंटा चली, लेकिन किसी की भी बीच-बचाव की हिम्मत नहीं हुई। हमलावर कई यात्रियों के मोबाइल भी छीनकर ले गए। बाद में उसी बस से सवारियां रामपुरा थाने पहुंची। इसके बाद इन्हें ट्रॉमा सेंटर लाया गया। आरोप है कि पुलिस ने भी समय पर कोई कार्रवाई नहीं की।
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बस नहीं चलने से ग्रामीण परेशान
दरअसल सबसे अधिक परेशानी यहां यातायात के साधनों को लेकर है। रोडवेज बसों के अभाव में सवारियों को मजबूर होकर अन्य वाहनों में यात्रा करनी पड़ती है। जिससे बहुत अधिक परेशानी हो रही है। बताया जा रहा है कि सवारियों से पहले भी बस चालक और परिचालक की कुछ तू-तू, मैं, मैं हुई थी। मामड़िया अहीर के सरपंच संजय ने बताया कि इस रूट पर बसों के चलाने के लिए कई बार प्रशासन को लिख चुके हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
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ये बोले ग्रामीण
बस रुकते ही 30-35 युवक हाथों में लाठी और डंडे लेकर हम पर टूट पड़े। कंडक्टर अपने गांव के लोगों को बचा रहा था। हमारी किसी ने नहीं सुनी।
बलजीत सिंह, मामड़िया
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वो लोग पहले से ही हमें पीटने के इरादे से आए थे। हमारा उनसे कोई सरोकार नहीं। फिर भी पता नहीं क्यों हमसे मार-पिटाई की।
अमित, मामड़िया अहीर
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रूट पर बसें नहीं चलती। मजबूरन लटककर जाना पड़ता है। चालक और परिचालक ने भी हमारा कोई सहयोग नहीं किया।
सबीर खान, बलवाड़ी
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हमारे बच्चों को पढ़ने के लिए भेजने पर भी डर लगता है। बसें कम चलती हैं। क्या करें, कुछ समझ ही नहीं आ रहा।
वेदप्रकाश, मामडिया अहीर
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हमारे रूट पर बसें बहुत कम चलती हैं। कई बार प्रशासन को इस बाबत लिख चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला। अब इस तरह से पिटाई की गई। मामले का पता नहीं, लेकिन बहुत गलत है।
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संजय, सरपंच, मामड़िया अहीर
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सूचना मिलते ही घटना स्थल पर पहुंचकर घटना का मुआयना कर चालक लीलू, परिचालक कर्मबीर, प्रवीण, विपिन, वैभव सहित आधा दर्जन युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर अगामी कार्रवाई शुरू कर दी।
रामनिवास, थाना प्रभारी, रामपुरा
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