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कानून पर भारी चेन स्नैचर, महिलाओं में दहशत

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रेवाड़ी। कानून में संशोधन के साथ ही जिले में चेन स्नैचिंग की वारदात में दिन प्रतिदिन बढ़ोत्तरी होती जा रही है। चेन स्नेचरों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि उनको पुलिस और कानून का कोई डर नहीं रह गया है। इस मामले में पुलिस का रवैया भी काफी निराशाजनक है। पुलिस स्नैचिंग के मामलों को बहुत ही हल्के ढंग से लेती है। स्नैचिंग की वारदात को महिला और पुरुष दोनों ही अंजाम दे रहे हैं। बाइकर्स महिलाओं से एकांत जगह में छीनाझपटी करते हैं जबकि महिलाएं भीड़भाड़ वाली जगह पर इस वारदात को अंजाम देती हैं। पुलिस इन लोगों को पकड़ना तो दूर भीड़ द्वारा पकड़े आरोपियों पर नरमी से पेश आती है। लोगों का कहना है कि जिले में स्नैचिंग की जितनी भी घटनाएं हो रही हैं उन सबको पुलिस का सह है। ऐसा नहीं है तो स्नैचिंग की वारदात में पकड़े लोगों का पुलिस रिमांड क्यों नहीं लेती है। केवल बरामदगी दिखाकर अपने काम की इतिश्री कर लेती है। पीड़ितों का आरोप है कि शहर में चेन स्नैचिंग का रैकेट काम कर रहा है। ये लोग चेन स्नैचिंग कर बेचते हैं। इसका खुलासा होना चाहिए।
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26 अगस्त को शहर में पांच महिलाएं चेन स्नैचिंग की शिकार हुईं। अगस्त माह में ही जिले में स्नैचिंग की आठ वारदात हुईं। इनमें पुलिस के हाथ तीन आरोपी महिलाएं भी लगी हैं। पुलिस ने उनका रिमांड लेने की बजाय केवल माल की बरामदगी दिखाकर अपनी इतिश्री कर ली। महिलाओं का कहना है कि उनका घर से निकलना दुश्वार हो गया है। बुजुर्ग महिलाएं साफ्ट टारगेट साबित हो रही हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि कानून में संशोधन के बाद चेन स्नैचिंग की वारदात घटने के बजाय बढ़ गई हैं। पुलिस इन लोगों से सख्ती से पेश आए तो इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सकती है। लोगों का कहना है कि इस तरह की वारदात जिले में हर दूसरे दिन हो रही है। इससे साबित होता है कि जिले में कोई रैकेट सक्रिय है। इन लोगों को पुलिस की सह मिली है। 10 अगस्त को एक महिला दो आरोपी महिलाओं को लेकर चौकी और थाने के चक्कर लगाती रही लेकिन पुलिस ने कोई तवज्जो नहीं दी। आखिरी में आरोपी महिलाएं मौका पाकर फरार हो गईं। पुलिस रिकार्ड के अनुसार चार माह में चेन स्नैचिंग और छीनाझपटी की 17 मामले सामने आए हैं।

इन जगहों पर होती है स्नैचिंग
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर, बस में उतरते और चढ़ते समय, रेलवे स्टेशन, ऑटो स्टैंड या ऑटो में सफर के दौरान, बुजुर्ग महिलाओं को मंदिर, अस्पताल के आसपास निशाना बनाया जाता है। बाइकर्स महिलाओं को एकांत जगह में निशाना बनाते हैं। मदद और कुछ पूछने के बहाने बातचीत के दौरान भी चेन स्नैचिंग कर फरार हो जाते हैं।
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ये सजा का प्रावधान
प्रदेश में बढ़ते चेन स्नैचिंग के मामलों के मद्देनजर सरकार ने वर्ष 2015 में कानून में संशोधन किया था। इसमें भादंसं की धारा 379 ए के तहत पांच साल की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया है। 379 बी में 10 साल से 14 साल तक की सजा और 25 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत अपराधी द्वारा डरा धमका कर या पिटाई कर चेन स्नैचिंग की गई हो तो वह धारा 379बी के तहत आता है।
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इनका क्या कहना है
चेन स्नैचिंग के मामलों में गिरफ्तार की गई आरोपी महिलाओं से पूछताछ कर चोरी सामान बरामद कर लिया जाता है। कोर्ट में पेश करने से पूर्व पुलिस अच्छी तरह से पूछताछ करती है, इसलिए इनका रिमांड लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती। - राजेश दुग्गल, पुलिस अधीक्षक
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चेन स्नैचिंग के मामले में अगर जांच अधिकारी को आवश्यकता महसूस होने पर आरोपी का रिमांड लिया जा सकता है। अक्सर पुलिस माल की बरामदगी के बाद रिमांड की जरूरत नहीं समझती। वैसे पुलिस को चेन स्नैचिंग के मामलों में रिमांड लेकर पूछताछ करनी चाहिए। - एडवोकेट राजेंद्र कामरेड
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चेन स्नैचिंग के मामले में गिरफ्तार की गई आरोपी महिला का रिमांड जांच अधिकारी पर निर्भर करता है। यदि आरोपी से बरामदगी हो जाती है तो रिमांड की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन अगर पुलिस द्वारा आरोपी महिलाओं का रिमांड लेकर पूछताछ की जाए तो संभवतया अन्य मामले अनट्रेस मामलों में सफलता मिल सकती है। - भूपेंद्र यादव, अधिवक्ता
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चेन स्नैचिंग के मामले कानून में संशोधन के बाद सेशन ट्रायल हो गए हैं। पहले चेन स्नैचिंग के मामलों में तीन साल की सजा का प्रावधान था, लेकिन इसमें संशोधन के बाद 10 से 14 साल तक की सजा का प्रावधान कर दिया गया है। निश्चित रूप से पुलिस इन मामलों को अधिक गंभीरता से नहीं लेती है जिसकी वजह से स्नैचिंग कठोर कानून के बाद भी बढ़ी है। - निगेश शर्मा, अधिवक्ता -----
पुलिस को चेन स्नैचिंग की आरोपी महिलाओं या अन्य आरोपियों का रिमांड लेकर पूछताछ करनी चाहिए, क्योंकि चेन स्नैचिंग में गिरफ्तार महिलाओं की अन्य मामले में संलिप्तता पाई जाती है। ऐसे में उनका रिमांड लेकर पूछताछ से कुछ अन्य सफलता मिल सकती हैं। - राजीव डाटा, अधिवक्ता
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चेन स्नैचिंग के मामले
- 26 अगस्त को शहर में अलग अलग स्थानों पांच महिलाओं के गले से चने तोड़ी गई
- 25 अगस्त को भाड़ावास रोड पर हरीनगर बाईपास के समीप एक महिला की चेन तोड़ी
- 24 अगस्त को शहर के नाईवाली चौक पर बस में चढ़ते समय तीन महिलाओं ने महिला यात्री की चेन तोड़ी
- 10 अगस्त को गुडियानी निवासी एक महिला की रोडवेज बस में चेन तोड़ी
- 6 जुलाई को गांव श्योराज माजरा के समीप बाइक सवार महिला की चेन तोड़ी
- 6 जुलाई को डोहकी गांव में प्लाट से घर आ रही महिला की चेन तोड़ी।
- 5 मई को स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते समय दो महिलाओं ने एक महिला के गले से सोने की चेन झपटी, जीआरपी ने दोनों महिलाओं को मौके पर दबोचा
- 13 मई: सुभाष नगर निवासी शकुंतला देवी के गले से छीनी चेन।
- 15 मई को धारूहेड़ा के सेक्टर-6 स्थित बेस्ट पार्क के पास से बाइक सवार बदमाश एक महिला से सोने की चेन झपट ले गए।
-19 मई: मॉडल टाउन निवासी प्राध्यापिका अंजुबाला से गढ़ी बोलनी रोड पर चेन छीनी।
-26 मई: सेक्टर तीन निवासी निशा यादव से मोबाइल फोन और पर्स छीनकर भागे बाइकर्स।
-29 मई: गांधी नगर निवासी शिखा जैन से दो बदमाशों ने पर्स छीना।
-20 अप्रैल गांव बांबड़ फतेहपुरी निवासी निर्मला देवी से बाइक सवार युवकों ने छीनी चेन
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