रेवाड़ी। शहर में शुक्रवार रात अलग अलग स्थानों पर दो डंपरों से कुचलकर एक बैंक कर्मी समेत दो लोगों की मौत हो गई। दूसरे मृतक की अभी शनाख्त नहीं हो सकी है। शहरवालों का कहना है कि शहर में नो एंट्री के बाद भी डंपर प्रवेश करते हैं। जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। फिर भी विभाग के आला अफसर इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शहर के राजीव नगर निवासी करीब 27 वर्षीय मुकेश कुमार शहर के एक बैंक में कार्य करता था। शुक्रवार देर रात बाजार से किसी कार्य को करने के बाद बाइक पर सवार होकर वापस अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान बीएमजी मॉल के समीप पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें मुकेश की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी।
इसी तरह शुक्रवार देर रात ही नाईवाली चौक के समीप एक तेज रफ्तार डंपर ने रोड पार करते समय एक युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। उसकी अभी पहचान नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि उसके हाथ पर एसकेवाई नाम गुदा हुआ है और उसके शरीर पर लोवर है। जिसकी उम्र करीब 28 साल बताई जा रही है। शव शनाख्त के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया है।
येे हो चुके है हादसे
दो साल पूर्व नाईवाली चौक पर तेज रफ्तार डंपर दो दुकानों में घ़ुसा
दिसंबर में अंबेडकर चौक के समीप बाइक सवार कंपनी कर्मी को डंपर ने कुचला
जनवरी में तेज रफ्तार डंपर ने अग्रसेन चौक के समीप बाइक सवार को कुचला
रेलवे चौक के समीप एक युवक को कुचला
अक्तूबर माह में रामपुरा थाना के समीप डंपर ने एक बाइक सवार को कुचला
रात होते ही शुरू हो जाता है वाहनों के प्रवेश कराने का खेल
सुबह सात से रात को आठ बजे तक शहर में भारी व ओवरलोड वाहनों की इंट्री बंद है। इसके बावजूद भी सुबह आठ बजे तक और शाम को सात बजे से ही शहर की सड़कों पर ओवरलोड डंपर बेलगाम दौड़ने लगते है। इसके लिए डंपर चालकों को संबंधित थाना के पास अवैध रूप से इंट्री करानी होती है। इसके बाद डंपरों चालक बिना रोकटोक के शहर की सड़कों पर दौड़ते है।
कई बार गिर चुके हैं पत्थर
डंपर चालक राजस्थान के कोटपूतली व नारनौल से रोड़ी व पत्थर भरकर लाते है। तेज रफ्तार के कारण कई बार पत्थर इन वाहनों के पीछे चलने वाले वाहन चालकों पर भी गिर चुके है। जिसके कारण कई लोग घायल हो चुके है। ऐसे कई मामले पुलिस तक भी पहुंच चुके है, लेकिन इनका आपस में बैठकर समझौता करा दिया जाता है।
पुलिस के पास ओवरलोड डंपरों के खिलाफ कार्रवाई करने का कोई अधिकार नहीं है। इनके खिलाफ कार्रवाई आरटीए द्वारा की जाती है। वैसे नो इंट्री के दौरान ओवरलोड वाहन शहर में नहीं घुसते है। अगर कोई आते है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
-अभय सिंह, एसएचओ ट्रैफिक