पेपर लीक जांच के लिए डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी
आरोपियों के मोबाइल से कई खुलासे होने की संभावना
पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के लिए तीन टीम
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले की तह तक जाने के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया है। डीएसपी हंसराज के नेतृत्व में यह टीम जांच करेगी। टीम को साइबर सैल भी सहयोग करेगी।
पेपर लीक मामले में पुलिस ने सोमवार को दोनों स्कूल के स्टाफ सदस्यों को भी पूछताछ में शामिल किया। जिसमें आरोपियों से पहचान के बारे में पूछा गया। साथ ही यह जानकारी मांगी कि कभी इन लोगों को स्कूल में पहले भी आते देखा था क्या। स्कूल से गिरफ्तार कर्मचारियों से भी रिमांड के दौरान गिरोह में शामिल लोगों के बारे में पूछताछ की जाएगी। गिरोह के सदस्य इससे पहले कभी पेपर लीक में शामिल तो नहीं रहे पुलिस इस बात की जानकारी भी जुटाने का प्रयास कर रही है। आरोपियों के मोबाइल नंबरों से भी कई खुलासे होने की संभावना है। साइबर सैल ने इस बारे में अपना काम शुरू कर दिया है। रेवाड़ी पुलिस की तीन अलग अलग टीम इस केस पर काम कर रही हैं।
पेपर लीक गिरोह का तीसरी बार रेवाड़ी से खुलासा
पेपर लीक होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी वर्ष 2013 में राजस्थान के कृषि विभाग और 2015 में केवीएस का पेपर लीक होने के बाद गिरोह को रेवाड़ी से पकड़ा गया था। उसके बाद प्रदेशभर से कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तार किए गए नौ आरोपियों से अलग अलग पूछताछ की जाएगी। असली मास्टर माइंड के गिरफ्त में आने के बाद पूरे केस का खुलासा हो जाएगा। पैसे के लेनदेन को लेकर भी पूछताछ करेंगे। गिरोह में शामिल हर आरोपी तक पहुंचेंगे।
-हंसराज, डीएसपी हेडक्वार्टर, रेवाड़ी।
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