गुजारा भत्ता के 1.14 लाख देने में असमर्थता जाहिर कर कोर्ट के बाहर पति ने निगला जहर
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। गुजारा भत्ता की राशि देने में असमर्थता जाहिर कर झज्जर के साल्हावास निवासी एक व्यक्ति ने पेशी के बाद कोर्ट के बाहर जहरीला पदार्थ निगल लिया। कोर्ट से एक ऑटो चालक ने उसको ट्रामा सेंटर पहुंचाया। उसकी हालत गंभीर देखकर डाक्टरों ने उसको रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया है। साल्हावास निवासी को गुभारा भत्ता के 1.14 लाख रुपये देने हैं। पुलिस के अनुसार फिलहाल उसके बयान नहीं हो पाए हैं।
जानकारी के अनुसार झज्जर के साल्हावास निवासी हरगोविंद की शादी जिले के गांव महेश्वरी निवासी बीना देवी के साथ 2004 में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद पति-पत्नी में अनबन होने लगी। इसके बाद वर्ष 2010 में उसने पति पर गुजारा भत्ता का वाद दायर कर दिया। वर्ष 2011 में अदालत से 1500 रुपये प्रतिमाह का खर्चा बीना को देने का आदेश दिया गया। यह राशि बीना को नियमित रूप से नहीं मिल रही थी। इस पर बीना ने फिर वाद दायर कर दिया। भरण-पोषण की राशि अदा नहीं करने पर बढ़कर 1.14 लाख रुपये हो गई। इस मामले में सोमवार को हरगोविंद की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेशी थी। पेशी के दौरान याचिकाकर्ता बीना के वकील ने कोर्ट में पेश होकर पेंडिंग राशि दिलाने की पैरवी की। इस मामले में कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली डेट दो माह बाद की दी है। इसके बाद कोर्ट से बाहर निकलकर हरगोविंद ने अपनी पत्नी से कहा कि वह पैसा देने में सक्षम नहीं है। ज्यादा दबाव दिया तो जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर लेगा। उसकी बात पत्नी ने अनसुना कर दिया क्योंकि इससे पहले भी वह कई बार धमकी दे चुका था। पेशी भुगतने के बाद वह कोर्ट से बाहर चला। इसके बाद जहरीला पदार्थ खाकर कोर्ट के बाहर सड़क पर आ गया। वहां उसने एक ऑटो चालक को जहर खाने की बात कहकर तुरंत अस्पताल पहुंचाने को कहा। ऑटो चालक ने भी उसको तुरंत ट्रामा सेंटर में पहुंचा दिया। चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखकर पीजीआई रेफर कर दिया। इस संबंध में मॉडल टाउन थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि अभी हरगोविंद के बयान नहीं हुए हैं। दोनों के दो बच्चे हैं। लड़की और लड़का मां के साथ ही रहते हैं।