रेवाड़ी। खोल थाना क्षेत्र निवासी एक छात्र द्वारा अपने ही घर मेें फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले में खोल थाना पुलिस ने बुधवार रात को एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जिसकी पहचान महेंद्रगढ़ निवासी धिरेन्द्र कुमार उर्फ धीरू के रूप में हुई है। अरोपी की वाट्सअप पर मैजेस करने और हलफनामा बनवाने में अहम भूमिका रही है। उक्त मामले में आरोपी ज्योतिषी हरिनंदन को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस के अनुसार गांव मनेठी निवासी 18 वर्षीय हार्दिक ने 19 जून को अपने घर में ही फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली थी। हार्दिक के भाई मनीष कुमार ने महेंद्रगढ़ निवासी हरिनंदन पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था। ज्योतिषी हरिनंदन के पास मृतक हार्दिक व उसके परिवार के लोग जाते थे। हरिनंदन ने हार्दिक को झांसा दिया हुआ था कि वह उसे काबिल इंसान बना देगा और उसके रास्ते में आने वाली सारी रुकावट दूर कर देगा। हरिनंदन ने हार्दिक की मैट्रिक की सर्टिफिकेट झांसा देकर अपने पास रख ली थी और एक खाली हलफनामे पर उसके हस्ताक्षर भी करवा लिए थे। बाद में हरिनंदन उसी हलफनामे के आधार पर हार्दिक से ढाई लाख रुपये की मांग करने लगा। हरिनंदन ने हार्दिक को यह भी धमकी दी थी कि वह उसके परिवार के लोगों को बताएगा कि उसने ढाई लाख रुपये ले रखे हैं।
बदनाम करने की भी दी थी धमकी
19 जून को हरिनंदन ने हार्दिक के मामा के मोबाइल पर मैसेज भेजकर लिखा था कि आपका दिया हुआ समय समाप्त हो चुका है और अब वह हार्दिक को बदनाम करने के लिए उसके पोस्टर चिपकवाएगा। मामा ने यह मैसेज हार्दिक के भाई मनीष को भी फारवर्ड कर दिया था। परिवार के लोगों ने इस मामले के बारे में हार्दिक से जानकारी जुटाई तो उसने कहा था कि हरिनंदन उसे फंसाने की कोशिश कर रहा है।ा वह उसे जीने नहीं दे रहा। इतना कहने के बाद हार्दिक अपने कमरे में चला गया था और आत्महत्या कर ली थी।