कंपनी में निवेश का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी, केस दर्ज
-ठगी का शिकार महिलाओं की संख्या 70 से अधिक, 300 से 500 रुपये मासिक किस्त के बदले आकर्षक ब्याज का दिया लालच, पांच साल तक भरी किस्त, करीब 23 लाख रुपये ठगने का अनुमान
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। माडल टाउन थाना पुलिस ने ड्योढई अहीर निवासी एक महिला की शिकायत पर निवेश के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में गंगायच निवासी युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी कंपनी में निवेश के नाम पर महिलाओं से हर माह किस्त के रूप में पैसे घर से ले जाता था। मामले में 70 से अधिक महिलाओं से करीब 23 लाख ठगे जाने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, गांव ड्योढई निवासी हेमलता ने पुलिस को शिकायत में बताया कि गांव गंगायचा अहीर निवासी मनोज एक रिश्तेदार का पता पूछते हुए उनके घर पर आया था। हेमलता का मायका गांव इकटोरिया में है। मनोज ने बताया कि उसके मामा इकटोरिया में है। रिश्तेदारी निकाल कर मनोज ने हेमलता और पूनम से क्रेडिबल कंपनी के बारे में जानकारी दी और निवेश करने को कहा। मनोज बताया कि हर माह किस्त के रूप में 300 से 500 रुपये जमा कराने होंगे बदले में आकर्षक ब्याज भी मिलेगा। वह मनोज की बातों में आ गई और कंपनी में खाता खुलवाकर पैसे जमा कराने शुरू कर दिए। मनोज ने अन्य जान-पहचान और रिश्तेदारों के खाते भी कंपनी में खुलवाने वाले पर अधिक मुनाफे का झांसा दिया। मनोज ने ड्योढई और आस-पास के गांवों की दर्जनों महिलाओं के खाते खोल दिए तथा हर महीने उनके घर से नकद पैसे लेकर चला जाता। कंपनी का कार्यालय यहां ब्रास मार्केट में था।
फरीदाबाद ले जाकर निवेशकों का जीता विश्वास
महिला ने शिकायत में बताया कि दो साल बाद उन्हें पता लगा कि यह कंपनी फर्जी है तो उन्होंने मनोज को पैसे देने बंद कर दिए। जिसके बाद मनोज ने फरीदाबाद स्थित एक कार्यालय में ले जाकर उन्हें कुछ लोगों से मिलवाया तथा विश्वास दिलाया कि कंपनी फर्जी नहीं है। विश्वास कर उन्होंने फिर से पैसे जमा कराने शुरू कर दिए। पांच साल पूरे होने के बाद उन्होंने पैसे वापस मांगे तो मनोज ने बताया कि कंपनी भाग गई है। उन्होंने इस मामले में पंचायत भी की। पंचायत में दस जनवरी तक मनोज ने पैसे देने का आश्वासन दिया। परंतु इसके बाद भी पैसे वापस नहीं किए। हेमलता के साथ पूनम नामक महिला ने भी मनोज के खिलाफ शिकायत दी है। माडल टाउन थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। जांच अधिकारी ने बताया कि जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट किया जा सकेगा।