हेलो, मैं चंडीगढ़ हेड ऑफिस से बोल रहा हूं। अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं की जानकारी दीजिये वरना आपके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद संबंधित आशा वर्कर रजिस्टर हाथ में लेकर गांवों में दौड़ पड़ती है। कुछ देर बाद बैंक से नकदी साफ होने पर ठगी का अहसास होता है। जिले में इस गिरोह द्वारा पचास से अधिक महिलाओं को अपना निशाना बनाया जा चुका हैं। प्रदेश सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली सहायता राशि के नाम पर साइबर ठगों द्वारा जिले में आशा वर्करों की आड़ लेकर महिलाओं के बैंक खातों से करीब एक लाख रुपये की नकदी साफ कर चुका है। शुक्रवार को भी जिले के गांव खड़गवास में भी ऐसा ही मामला सामने आया है। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गांव खड़गवास निवासी आशा वर्कर के पास फोन आया जिसने स्वयं को स्वास्थ्य विभाग के चंडीगढ़ मुख्यालय का अधिकारी बताकर क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं व पहला बच्चा पैदा करने वाली महिलाओं के बैंक खातों में सहायता राशि भेजने के लिए बैंकों की जानकारी मांगी। आशा वर्कर द्वारा गांव की गर्भवती महिलाओं की जानकारी देने के साथ ही बैंक की भी डिटेल भेज दी। इसके कुछ देर बाद ही महिला के मोबाइल पर मैसेज आया, जिसमें बताया कि उसके खाते से 10 हजार रुपये कट गए। इसके बाद महिला ने बैंक खातों से नकदी साफ होने पर ठगी का भंडाफोड़ किया।
गांव लुहाना निवासी संदीप कुमार ने बताया कि 20 दिसंबर को आशा वर्कर का उसके पास फोन आया था कि चंडीगढ़ से किसी आरके डॉक्टर का फोन आएगा और एएनसी केस की जानकारी लेगा। उसी दिन उसके मोबाइल पर शातिर ठग का फोन आ गया। खाते में पैसे पहुंचे या नहीं इसकी जानकारी ली। संदीप से आधार कार्ड, खाता नंबर, एटीएम कार्ड का नंबर आदि जानकारी ले ली और फिर कुछ देर में पैसे खाते में डालने की बात कहकर फोन कट कर दिया। कुछ देर बाद ही उसके खाते से 13 हजार की नकदी साफ होने का मैसेज आया।
इस तरह दी जा रही है वारदतें
साइबर ठग आशा वर्करों से जानकारी जुटा गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली राशि को उनके खातों से साफ कर रहे हैं। आशा वर्करों के अनुसार कॉल 7292896965 नंबर से आ रही है। कॉल करने वाला खुद को चंडीगढ़ स्थित स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय से सीनियर डॉक्टर बताते हुए आशा वर्कर से क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं से संबंधित जानकारी जुटाता है। फिर महिलाओं के पास एक ओटीपी नंबर भेजा जाता है। आटीपी नंबर जानने के बाद महिलाओं के खाते से नकदी साफ कर रहे हैं।
बिहार के नंबरों से आ रही हैं कॉल
खुद को स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बताने वाले ठग बिहार के मोबाइल नंबरों से फोन कर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन नंबरों की जांच कर पुलिस वहां दबिश देनेे भी गई है, लेकिन वहां जाकर मालूम हुआ कि मोबाइल नंबर भी फर्जी है। ऐसे में पुलिस के लिए इन साइबरों ठगों पर शिकंजा कसना बेहद मुस्किल काम हैं।
साइबर ठगों पर शिकंजा कसने का प्रयास किया जा रहा हैं। पुलिस की ओर से समय-समय लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। बिहार के नंबरों की भी जांच की गई हैं, लेकिन वे फर्जी मिले हैं।
-जमाल खान, डीएसपी
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