बावल थाना क्षेत्र से 27 जून 2018 को रहस्यमयी ढंग में लापता हुई कक्षा नौवीं की छात्रा के मामले की जांच सीबीआई से करने की सिफारिश की गई है। इस मामले की जांच एसआईटी के अलावा स्पेशल क्राइम ब्यूरो कर चुकी है, लेकिन छात्रा का कोई पता नहीं लग सका। हालांकि मामले में आरोपी बनाई गई एक युवती और अन्य आरोपियों का नार्को टेस्ट भी कराया जा चुका है, जिसकी अभी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। सीबीआई जांच की मांग को बावल चौरासी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जन स्वास्थ्य के आवास के सामने 127 दिन तक धरना दिया गया था।
कक्षा नौ में पढ़ने वाली एक छात्रा 27 जून 2018 को दोपहर बाद रहस्यमयी ढंग से लापता हो गई थी। शुरूआत में मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में भी आनाकानी की, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस गुमशुदगी की गई। छात्रा के लापता होने के बाद परिजनों ने गांव की ही एक युवती पर छात्रा को गायब कराने का आरोप लगाया था। पुलिस ने युवती को काबू कर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया था, लेकिन लापता छात्रा का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया। ग्रामीणों ने गांव बधराना में होने वाले मुख्यमंत्री की जनसभा का बहिष्कार करने के साथ ही केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह व जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारी लाल का भी बहिष्कार किया जा चुका है।
बावल थाना पुलिस सेे सीबीआई तक पहुंचा मामला
छात्रा को बरामदगी के लिए मामले की जांच शुरूआत में बावल थाना पुलिस को सौंपी गई थी, लेकिन परिजन पुलिस थाना पुलिस की जांच से परिजन नाखुश थे। इसलिए डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया, लेकिन एसआईटी की जांच भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। इसके बाद मामले की जांच क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम को सौंपी गई, जिसका नेतृत्व आईपीएस संगीता कालिया कर रही थी, लेकिन क्राइम ब्रांच की टीम भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच गई। इस दौरान ग्रामीण व परिजन सीबीआई जांच की मांग करते रहे थे। आखिरकार 13 माह बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
बेटी के लापता होने के बाद से काफी परेशान हो रहे थे। काफी इंतजार के बाद मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की गई है। अब न केवल आरोपी काबू कर लिए जाएंगे, बल्कि बेटी का भी पता लग सकेगा।
- लापता छात्रा का पिता
मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश जाने की जानकारी पुलिस अधीक्षक नाजनीन भसीन ने दी है। उम्मीद है कि अब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। आरोपी अब बच नहीं सकेंगे। सीबीआई जांच की मांग लंबे समय से की जा रही थी।
- रामकिशन महलावत, छात्रा बचाओ संघर्ष समिति