रेवाड़ी। अक्तूबर से त्योहारी सीजन शुरू हो जाएगा। अक्तूबर में दशहरा और नवंबर में दीपावली समेत अन्य त्योहार हैं। त्योहारों में खाद्य वस्तुओं में मिलावट की शिकायतें आती हैं। इसको देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में जांच अभियान तेज कर दिया है। विभाग की टीम ने दो सप्ताह में रेवाड़ी शहर, बावल और कोसली आदि स्थानों से देसी घी, पनीर और खोया के 20 सैंपल लिए गए।
टीम ने रेवाड़ी शहर में डेयरी और रिटेल शॉप समेत विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 480 किलो घी सीज किया और 940 किलो पनीर नष्ट कराया। एफएसओ डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि विभाग की टीम खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच कर रही है। जांच के लिए सैंपल प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने दो दिन पहले राजस्थान से रेवाड़ी आ रही एक पिकअप की जांच की। इसमें 540 किलो मिलावटी पनीर मिला। विभाग ने पनीर को कब्जे में लेकर कार्रवाई की और बाद में उसे नष्ट करा दिया।
विभाग की कार्रवाई में खासतौर पर दूध से बने उत्पादों पर निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार त्योहारी सीजन में पनीर, खोया और घी की मांग बढ़ने के कारण इनकी गुणवत्ता की जांच और सैंपलिंग की जा रही है।
त्योहारी सीजन में पनीर, खोया और घी की मांग बढ़ जाती है। इसको देखते हुए कुछ व्यापारी पनीर और खोया में मिलावट करते हैं। देसी घी में सस्ते खाद्य तेल या अन्य वसा मिलाकर मात्रा बढ़ा देते हैं। पुराने या खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों को भी त्योहारों में खपाने का प्रयास किया जाता है। मिलावटी खाद्य वस्तुओं सेहत के लिए खतरनाक होती हैं।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि जिले में खाद्य पदार्थों की जांच का अभियान जारी रहेगा। टीम अलग-अलग क्षेत्रों में डेयरी, दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच करेगी। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग की कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मचा है। अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों से निर्धारित मानकों का पालन करने की अपील की है।