रेवाड़ी। जिला उपभोक्ता आयोग ने अपने एक फैसले में डिफेक्टिव वाशिंग मशीन बेचने और बाद में उसे ठीक न करने की एवज में सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर जुर्माना लगाया है। याचिका की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा ने निर्णय में स्पष्ट किया है कि ग्राहक से लिए गए 35977 रुपये कंपनी 9 फीसदी ब्याज के साथ ग्राहक को वापस करेगी।
साथ ही उपभोक्ता की मानसिक प्रताड़ना करने के लिए 20 हजार क्षतिपूर्ति तथा वाद खर्च के लिए 11 हजार रुपये शिकायतकर्ता को दिए जाएंगे। यह सभी राशि 45 दिन के अंदर अदा करनी होगी अन्यथा 12 प्रतिशत ब्याज सहित राशि देनी होगी। यदि कंपनी आयोग के आदेश की पालना नहीं करती है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह है मामला
गांव कलाका रोड स्थित मोहल्ला विकास नगर निवासी नीतू ने 29 अक्तूबर 2020 को रिलायंस रिटेल शोरूम से एक सैमसंग की वाशिंग मशीन खरीद की थी। वाशिंग मशीन को अगले दिन ही कंपनी की ओर से भेजे गए इंजीनियर ने नीतू के घर में लगाकर चला कर दिखाई थी। लेकिन उसमें आवाज आ रही थी, इसके कारण नीतू ने मशीन में डिफेक्ट होने का अंदेशा जताया तो इंजीनियर ने उन्हें मशीन एक अलग स्टैंड पर रखने की सलाह दी थी। सलाह के तहत नीतू ने 1400 का एक स्टैंड भी खरीद लिया, लेकिन मशीन में डिफेक्ट जस का तस बना रहा। इसके बाद नीतू की ओर से एक ई-मेल 28 अक्तूबर 2020 को कंपनी के पास की गई, लेकिन कंपनी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर पर संपर्क किया गया, जहां से इंजीनियर ने मशीन देखकर कहा कि मशीन में डिफेक्ट ग्राहक के सही प्रकार से इस्तेमाल न करने के कारण हुआ है। वाशिंग मशीन की बॉडी खराब हो गई है, इस बॉडी को बदलने एवं डिफेक्ट हटाने के लिए कंपनी की ओर से दी गई वारंटी भी समाप्त हो गई है। इसलिए 6187 रुपये सर्विस के लिए मांगे गए। इसके बाद परेशान होकर शिकायतकर्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष अपनी याचिका दायर की और कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए अनुरोध किया था।
कंपनी की ओर से बरती गई लापरवाही
याचिका की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि वाशिंग मशीन का डिफेक्ट 8 दिन के बाद ही पता चल गया था और ग्राहक ने इसकी शिकायत भी समय पर कंपनी को की थी। लेकिन कंपनी के कर्मचारियों द्वारा कोई सुनवाई नहीं की गई। जबकि मशीन का डिफेक्ट साफ तौर पर देखा जा सकता था। लेकिन इस मामले में सैमसंग कंपनी की ओर से लापरवाही बरती गई है। इसके लिए ग्राहक को काफी मानसिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा है।