रेवाड़ी। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोगिंद्री की अदालत ने रेलवे स्टेशन परिसर के नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करने और रेलवे कर्मचारी के निर्देशों की अवहेलना करने के मामले में कुतुबपुर निवासी मुकुल को दोषी ठहराते हुए 300 रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को सात दिन का साधारण कारावास भुगतना होगा।
अदालत के आदेशानुसार आरोपी ने जुर्माने की राशि तुरंत अदा कर दी। जुर्माना अदा किए जाने के बाद न्यायालय ने आरोपी को तत्काल रिहा करने के आदेश दिए।
मामले के अनुसार रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने शिकायत में बताया था कि 31 जनवरी को आरोपी ने रेलवे स्टेशन रेवाड़ी क्षेत्र में अपने वाहन को नो पार्किंग एरिया में खड़ा किया था तथा मौके पर मौजूद रेलवे कर्मचारी द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया।
शिकायत के बाद आरोपी को भी न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान रेलवे प्रशासन की ओर से सहायक लोक अभियोजक ने पक्ष रखा, जबकि आरोपी की ओर से विधिक सहायता अधिवक्ता ने उसका प्रतिनिधित्व किया। आरोपी पुलिस जमानत पर था।
अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद प्रथम दृष्टया आरोप बनता पाए जाने पर आरोपी को रेलवे अधिनियम की धारा 159 के तहत आरोप का नोटिस दिया। नोटिस मिलने पर आरोपी ने बिना किसी दबाव, भय या प्रलोभन के स्वेच्छा से अपना अपराध स्वीकार कर लिया और मुकदमे का सामना करने से इनकार कर दिया।
अदालत ने आरोपी को रेलवे अधिनियम की धारा 159 के अंतर्गत दोषी ठहराया और इसके बाद सजा के प्रश्न पर सुनवाई की। सजा पर सुनवाई के दौरान आरोपी की व्यक्तिगत परिस्थितियों और अपराध की प्रकृति पर विचार किया गया। इसके उपरांत न्यायालय ने आरोपी को जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई।