रेवाड़ी। शहर के विभिन्न वार्डों में बिजली, सीवर और सफाई व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर नगर परिषद के चार पार्षदों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को मांगपत्र सौंपकर जनसमस्याओं के समाधान और वार्ड-29 के माधव नगर क्षेत्र को नियमित करवाने की मांग उठाई। पार्षदों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों की समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रतिनिधिमंडल में वार्ड-29 के पार्षद भगवान, वार्ड-13 के पार्षद प्रतिनिधि दीपक जांगिड़, वार्ड-32 के पार्षद मनीष कुमार टिकानिया और वार्ड-22 के पार्षद देवेंद्र कुमार शर्मा शामिल रहे।
पार्षदों ने वार्ड-13 के नया गांव दौलतपुर में जर्जर बिजली व्यवस्था, लटकते तारों और टूटे बिजली के खंभों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएनएल) के संबंधित अधिकारी के निलंबन के मौखिक निर्देश दिए।
कई क्षेत्रों में सीवर ओवरफ्लो का मुद्दा उठाया
पार्षदों ने वार्ड-22, 24, 31 और 32 के अलावा रामपुरा गांव तथा वार्ड-1 में सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के अधिकारियों को सीवर व्यवस्था दुरुस्त करने और तकनीकी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।
माधव नगर को नियमित करवाने की मांग
वार्ड-29 के पार्षद भगवान ने माधव नगर के कुछ हिस्सों को नियमित करवाने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि मुस्तहिल नंबर 48, 56, 57 और 88 के अंतर्गत आने वाले विभिन्न किला नंबरों का क्षेत्र अभी नियमित नहीं है। इससे वहां रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पार्षद के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इस मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
कूड़ा उठान एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल
बैठक में नगर परिषद की डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया गया। पार्षदों ने आरोप लगाया कि एजेंसी की गाड़ियां वार्डों में नियमित रूप से नहीं पहुंचतीं और हेल्परों की कमी के कारण कूड़ा उठान प्रभावित हो रहा है। उन्होंने पोर्टल पर रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए गाड़ियों को बिना रुके घुमाने, पिछले दो महीने से जेसीबी मशीन खराब होने और खुले ट्रैक्टरों में कूड़ा ले जाने जैसी अनियमितताओं की शिकायत भी की। पार्षदों ने मांग की कि सफाई व्यवस्था की निगरानी कराकर जिम्मेदारी तय की जाए।