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नरबीर खेमे के हैं,इसलिए नहीं दी ग्रांट

Fri, 14 Oct 2016 01:07 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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बैठक में मचाया हंगामा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला परिषद की ओर से वीरवार को जिले के पार्षदों का ढाई करोड़ रुपये की ग्रांट बांट दी गई। ग्रांट वितरण में भेदभाव का आरोप लगाकर करीब नौ पार्षद बैठक छोड़कर बाहर आ गए। यहां इन्होंने प्रेसवार्ता कर बताया कि नरबीर खेमे का होने के कारण उनसे भेदभाव बरता जा रहा है। वह सीएम से जिला प्रमुख को हटाने की मांग करेंगे।
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जानकारी के अनुसार वीरवार को ग्रांट वितरण को लेकर जिला परिषद की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में पार्षदों के बीच ढाई करोड़ रुपये की ग्रांट का वितरण कर दिया। इसी बीच कुछ पार्षद ग्रांट वितरण में भेदभाव का आरोप लगाते हुए बैठक छोड़कर बाहर निकल गए।

नौ पार्षदों ने जताया विरोध
ग्रांट वितरण में भेदभाव को लेकर वार्ड 3,9,14,18,12,5,15,16 एवं 17 के पार्षद बैठक छोड़ जिला परिषद से बाहर निकल गए। उन्होंने कहा कि नरबीर खेमे का होने के कारण  उनके साथ ग्रांट वितरण में भेदभाव बरता जा रहा  है। उनके पक्ष के नौ पार्षदों को ग्रांट वितरण में एक रुपया भी नहीं मिला। वहीं पांच पार्षदों को महज साढ़े 15 लाख रुपये दिए गए।
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नौ महीने से चल रहा है तीन करोड़ की ग्रांट का झगड़ा
जिला परिषद के गठन से पहले की 31 मार्च को जिला परिषद को तीन करोड़ की ग्रांट मिली थी। अट्ठारह जिला पार्षदों वाली  परिषद जिला प्रमुख चुुनाव के समय से ही नौ- नौ पार्षदों के खेमे में बंटी हुई है। जिला प्रमुख जहां केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत खेमे से है। वहीं विरोध दूसरा गुट लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह खेमे से है। परिषद के गठन के बाद तीन बैठक भी हंगामें के भेंट चढ़ चुकी है। जिसके कारण तीन करोड की ग्रांट का वितरण नहीं हो पाया था। बृहस्पतिवार को हुई बैठक भी हंगामे दार रही।

हमारे गांव को नहीं विकास की जरूरत
प्रेसवार्ता में जिला पार्षद अमित यादव ने कहा कि जिला प्रमुख को लग रहा है कि उनके गांवों को विकास की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जिला प्रमुख किस नेता के दवाब में काम कर रही हैं। पार्षदों को इसका जवाब चाहिए। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री से समय लेकर जिला प्रमुख को बर्खास्त करने की मांग करेंगे।

उन्होंने बताया कि वार्ड 5,15,16 एवं 17 के पार्षदों को वितरण में एक भी रुपया नहीं दिया गया। जबकि वार्ड-9 को एक लाख, तीन को दो लाख, अट्ठारह को तीन लाख, चौदह को चार लाख एवं बारह को महज पांच लाख रुपये की ग्रांट दी गई है। पार्षद धमेंद्र खटाना ने कहा कि ग्रांट वितरण में सीधे रूप से जिला प्रमुख ने प्रदेश सरकार के समान विकास नारे की धज्जियां उड़ाई है। वार्ता में पार्षद रोहन एवं हरीश झाबुआ सहित सात पार्षद मौजूद थे।
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