रेवाड़ी। लॉकडाउन के दौरान तीन मई तक संक्रमण पर रोक लगाने के नाम पर स्वास्थ्य विभाग ने खूब सुर्खियां बटोरीं, लेकिन जैसे ही अनलॉक शुरू हुआ तो संक्रमण की दर के मामले में जिले ने प्रदेश के औद्योगिक नगरी कहे जाने वाले पानीपत के अलावा करनाल, भिवानी व पंचकूला तक को पछाड़ दिया है।
कोरोना संक्रमितों के सैंपल लेने के मामले में जिले का स्वास्थ्य विभाग फीसड्डी बना हुआ है। ऐसे में सवाल है कि संक्रमण की दर इतनी अधिक होने के बावजूद जरूरत के मुताबिक सैंपल की दर क्यों नहीं बढ़ाई जा रही है। हालात ऐसे हैं कि सैंपल लेने के मामले में जिला नारनौल से भी पीछे है, नारनौल में बुधवार तक 10412 सैंपल लिए जा चुके हैं, जबकि इनमें से महज 519 लोग संक्रमित पाए गए हैं। जबकि रेवाड़ी में वीरवार तक 9105 सैंपल लिए गए, इनमें से 898 लोग पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। अर्थात प्रत्येक 100 सैंपल में से 10 कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं। वीरवार को भी जिले में 48 कोरोना संक्रमित मिले, इनमें सबसे ज्यादा शहर के 25 मामले हैं, 17 धारुहेड़ा, तीन अहरोद व एक-एक बावल, रालियावास, मालपुरा से संबंधित है। हालात ऐसे हैं कि 12 से 15 जुलाई के बीच चार दिन में ही 297 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से बड़ी संख्या शहर में मिले संक्रमितों की है।
पड़ोसी झज्जर व रोहतक से ज्यादा संक्रमितों की दर म्हारे यहां
बुधवार तक रोहतक में जहां कुल 26383 सैंपल में से 1060 संक्रमित पाए गए। झज्जर में 15880 में 547, भिवानी में 13676 में 692, दादरी में 6226 में से 101, जींद में 11608 में 173, करनाल में 24209 में से 563, पानीपत में 12749 में 459 कोरोना संक्रमित मिले हैं। ऐसे में इन आंकड़ों को देखकर समझा जा सकता है कि किस तरह से जिला में संक्रमण की दर बढ़ रही है और सैंपल की दर कितनी कम है। पंचकूला में भी बुधवार तक कुल 181 कोरोना संक्रमित मिले हैं।
राहत : ठीक होने वालों की दर भी ज्यादा
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक 9105 सैंपल लिए गए हैं, जिनमें 898 कोविड-पॉजिटिव मिले हैं। इनमें 545 नागरिक कोविड संक्रमण से ठीक हुए हैं और अब तक आठ मरीजों की मौत हुई है। अब जिले में कोविड पॉजिटिव के 345 एक्टिव केस रह गए हैं तथा 7861 की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है तथा 346 सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है। जिलाभर में 62 नागरिक क्वारंटीन किए गए हैं, जो विदेश व देश के अन्य हिस्सों से यात्रा करके आए हैं। संक्रमितों में से 10 विभिन्न अस्पतालों में व 42 जिला कोविड केयर सेंटर में एडमिट हैं, जबकि 293 कोविड मरीज होम आइसोलेट किए गए हैं। वीरवार को जिले में 70 कोविड पॉजिटिव ठीक हुए हैं जिनमें से 40 रेवाडी शहर, 17 धारूहेड़ा, दो-दो असदपुर, छव्वा व कोसली तथा एक-एक नाहड़, बोलनी, नांधा, बालावास, हांसाका, लिसाना व राजावास से संबंधित हैं।
प्रशासन की हिदायतों का पालन जरूरी, तभी टूटेगी संक्रमण की चेन : डीसी
डीसी यशेंद्र सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सरकार व जिला प्रशासन द्वारा जारी की जा रही हिदायतों की पालना जरूरी है तभी संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि दो गज की दूरी बनाए रखें, मुंह को मास्क से ढंककर रखें तथा असित आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें, बार-बार हाथ धोते रहें, तभी हम कोरोना संक्रमण चेन को ब्रेक करने व कोरोना को मात देने में कामयाब होंगे।
जरूरत को देखते हुए बढ़ा दी गई है सैंपलिंग : नोडल अधिकारी
कोविड-19 नोडल अधिकारी डॉ. विजय प्रकाश ने बताया कि प्रशासन से मिले आदेशों के अनुसार सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। अब एंटीजन रैपिड टेस्टिंग भी की जा रही है। पहले भी जरूरत के हिसाब से सैंपलिंग की जा रही थी। जिन मरीजों में भी लक्षण दिखाई देते हैं उनके सैंपल लिए जाते हैं। लोगों को लापरवाही छोड़ सावधानी बरतने की जरूरत है।