नागरिक अस्पताल में ओपीडी पर्ची कटवाने के लिए लाईन में खड़े लोग।
रेवाड़ी। जिले में कोरोना एक बार फिर से तेज गति से पांव पसारने लगा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। वीरवार को स्वास्थ्य विभाग ने 210 लोगों के सैंपल लिए, जिनमें से 37 की रिपोर्ट निगेटिव मिली। इनमें पांच व्यक्ति कोरोना से संक्रमित मिले हैं। अब बाकी 168 मरीजों की सैंपल रिपोर्ट शुक्रवार को मिलेगी। मंगलवार को तीन व बुधवार को कोरोना का एक मामला सामने आया था। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने आठ अप्रैल को संक्रमित मिली 75 वर्षीय महिला को डिस्चार्ज कर दिया है। अब जिले में सक्रिय केसों की संख्या नौ हो गई है। इस बार शहर की बजाय ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना ज्यादा फैल रहा है।
जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक 681054 लोगों के सैंपल लिए गए हैं, जिसमें से 25004 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 24734 लोग ठीक हो चुके हैं और 261 लोगों की मौत हो चुकी है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग को 168 रिपोर्ट का इंतजार है। कोरोना वायरस के फैलाव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए व संक्रमण के रोकथाम के लिए जिला में सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। नागरिक अस्पताल में मरीजों की काफी भीड़ उमड़ती है, लेकिन यहां न तो शारीरिक दूरी का पालन नजर आता है और न ही कोई मास्क लगाता है। इसी तरह की स्थिति लघु सचिवालय में भी देखने को मिलती है।
ग्रामीण इलाकों में शुरू हुई तेजी से सैंपलिंग
कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए लगातार सैंपलिंग बढ़ाई गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सेंपलिंग तेज कर दी है। सैंपलिंग शुरू होने से वीरवार को पांचों मिले संक्रमित में से चार मीरपुर से और एक खोल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत गांव से मिला। विभाग ने संक्रमित मिले लोगों के परिजनों के सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं। आमजन को चाहिए कि पहले की तरह ही कोरोना के नियमों की पालना करें।
वर्जन
स्वास्थ्य विभाग ने वीरवार को 210 लोगों के सैंपल लिए हैं। पांच लोग संक्रमित मिले हैं। ऐसे में लोगों को कोरोना के नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। शारीरिक दूरी और मास्क का प्रयोग करें।
- डॉ. दीपक वर्मा, नोडल अधिकारी, रेवाड़ी