रेवाड़ी। नगर परिषद के ढुलमुल रवैये के कारण प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर आम आदमी की बात ही छोड़िये... सरकारी विभाग भी डिफॉल्टर हो रहे है। प्रॉपर्टी टैक्स के नाम पर सरकारी विभाग नगर परिषद के करोड़ों रुपये दबाए बैठे हैं। सरकारी भवनों का प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भर रहे हैं। नोटिस के बावजूद सरकारी विभाग आगे नहीं आ रहे हैं। एक-दो करोड़ नहीं बल्कि 10 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स सरकारी विभागों की तरफ बकाया है, लेकिन बावजूद इसके नगर परिषद कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। शहर के आम लोगों को नोटिस भेजकर डराया जा रहा है। दूसरी ओर से शहर में बनाए गए समारोह स्थल, बेंक्वेट हॉल व अन्य बड़े संस्थानों पर भी नगर परिषद का लाखों रुपये बकाया है। इसके बावजूद नप की ओर से इसके खिलाफ कार्रवाई के नाम पर महज नोटिस ही भेजे जाते रहे हैं।
बता दें कि नगर परिषद का करीब 20 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में बकाया है, जिसमें करीब 10 करोड़ रुपये सरकारी विभागों व समारोह स्थल संचालकों पर बकाया है लेकिन नगर परिषद रिकवरी को लेकर कतई गंभीर नहीं है। अगर शहर के पूरे प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली होती है तो नप का खजाना भर सकता है और शहर में विकास कार्य हो सकते हैं। नप अधिकारियों की माने तो इक्का-दुक्का सरकारी विभाग ही समय पर प्रॉपर्टी टैक्स भर रहा है। इसके अलावा कोई भी विभाग प्रॉपर्टी टैक्स भरने में रुचि नहीं दिखा रहा है।
नगर परिषद ने वसूला 249.90 करोड़ का प्रॉपर्टी टैक्स
नगर परिषद के प्रयासों के बाद वर्ष 2022-23 में 249.90 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स वसूला गया था। इससे पूर्व वर्ष 2021-22 में 289.73 करोड़ रुपये की वसूली की गई थी। न ही नगर परिषद लोगों को टैक्स जमा करने के लिए जागरूक कर पा रहा है। दूसरी ओर से शहर के सरकारी महकमे प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करने में कतई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। विभिन्न सरकारी विभागों को बकाया संपत्ति कर जमा करवाने के लिए नोटिस के साथ अर्ध सरकारी पत्र भी भेजे गए हैं। उसके बाद भी सरकारी महकमे प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने में पीछे हैं।
प्रॉपर्टी आईडी में अभी भी दिक्कत
प्रॉपर्टी आईडी के सर्वे के बाद लापरवाही का खामियाजा अभी भी भूस्वामी भुगत रहे हैं। लोगों का आरोप है कि गैर जिम्मेदाराना तरीके से सर्वे का काम कर प्रॉपर्टी आईडी बना दी। प्रॉपर्टी आईडी सर्वे में किसी का टैक्स किसी और के खाते में जोड़ दिया। अब समस्या को दूर करने को लेकर नगर परिषद के कर्मचारी परेशान हैं। हालांकि दूसरी ओर एनडीसी की कामयाबी पर परिषद राशि वसूली में वृद्धि का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सर्वे कंपनी की गलतियों को ठीक करने में नगर परिषद प्रशासन नाकाम रहा है।
इन विभागों पर प्रॉपर्टी टैक्स बकाया
जानकारी के अनुसार शहर में जिन सरकारी महकमों पर प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है, उनके स्वास्थ्य विभाग, दूरसंचार विभाग, सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, पीडब्ल्यूडी, वन विभाग, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, लघु सचिवालय, पैक्स, कृषि विभाग, कराधान विभाग व टैक्स विभाग शामिल हैं। इनमें प्रत्येक पर 5 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है।
वर्जन
प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने को लेकर लोगों को समय-समय पर छूट दी जाती है। लोगों का इसका लाभ उठाकर समय पर टैक्स जमा करना चाहिए। सरकारी विभागों को नोटिस भेजकर टैक्स जमा कराने को कहा गया है, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. सुभिता ढाका, जिला नगरायुक्त रेवाड़ी