धारूहेड़ा। भिवाड़ी से छोड़ा गया दूषित पानी फिर धारूहेड़ा सीमा पर पहुंच गया है। इसके चलते अलवर बाईपास पर जलभराव से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। कई महीने बाद यहां जलभराव की स्थिति बनी है।
धारूहेड़ा सीमा पर सोमवार की शाम फिर अचानक दूषित पानी पहुंचने से जलभराव हो गया। बताया जा रहा है कि यह दूषित भिवाड़ी से छोड़ा गया है। जलभराव के चलते आसपास के दुकानदार सहित राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धारूहेड़ा सीमा पर रैंप तक पानी पहुंचने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां पर हजारों की संख्या में लोग आते-जाते हैं। धारूहेड़ा क्षेत्र के लोगों के लिए यह सबसे बड़ी समस्या है। वैसे तो यह समस्या आज की नहीं दो दशक से भी पुरानी है। उसके बाद भी अभी तक इसका स्थाई समाधान नहीं हो पाया है। अगर ऐसा ही चलता तो जलभराव और ज्यादा हो जाएगा। दरअसल, पिछले पर वर्ष जब यहां पर जलभराव हुआ था तो कई महीनों तक स्थिति खराब थी। दुकानदारों को पलायन करके यहां से जाना पड़ा था। अब फिर से इसी प्रकार की परिस्थितियां बन चुकी है। जबकि इसके लिए भिवाड़ी प्रशासन की तरफ से पिछले वर्ष कंपनी संचालकों पर कार्रवाई भी की गई थी। उसके बावजूद फिर से जलभराव देखने को मिल रहा है।
भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र का दूषित पानी घुसने की करीब दो दशक पुरानी शिकायत है। इसी को लेकर प्रशासन द्वारा धारूहेड़ा-भिवाड़ी के बीच सीमा में एक रैंप बनाया था। हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर ने अलवर और रेवाड़ी के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की थी और उन्हें गंदे पानी के प्रवाह को रोकने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया था। राजस्थान के अफसरों ने इस पानी के समाधान के लिए कदम नहीं उठाए गए।