धारूहेड़ा। राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी से हरियाणा की सीमा में पहुंच रहा प्रदूषित पानी एक बार फिर धारूहेड़ा के लोगों के लिए परेशानी बन गया है। कई दिनों से भिवाड़ी से दूषित पानी धारूहेड़ा पहुंच रहा है। यह पानी सेक्टर-4 और सेक्टर-6 की आउटर रोड पर जमा होने के बाद आगे राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच रहा है। इससे उठने वाली दुर्गंध से आसपास के लोग और राहगीर परेशान हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भिवाड़ी से हरियाणा की सीमा में प्रदूषित पानी पहुंचने की समस्या आज की नहीं, बल्कि पिछले कई वर्षों से बनी हुई है। समय-समय पर शिकायतें और विरोध होने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
पहले भिवाड़ी की ओर से आने वाला प्रदूषित पानी रेवाड़ी-पलवल राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते धारूहेड़ा तक पहुंचता था, लेकिन अब पानी को भिवाड़ी क्षेत्र में बने एक प्रतिष्ठित स्कूल के पीछे से हरियाणा की सीमा में छोड़े जाने की बात सामने आ रही है। यहां से पानी धारूहेड़ा के सेक्टर-4 व सेक्टर-6 की आउटर रोड से होता हुआ राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच जाता है।
सेक्टर-4 और सेक्टर-6 की आउटर रोड पर इन दिनों प्रदूषित पानी भरा है जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बरसाती पानी नहीं है, बल्कि बेहद गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी है। पानी जमा रहने से बदबू फैल रही है।
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पार्षद और स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
धारूहेड़ा नगर पालिका के पार्षद डीके शर्मा, स्थानीय निवासी कृष्ण यादव, डॉ. योगेंद्र सिंह आदि ने बताया कि भिवाड़ी की तरफ से लगातार काला और बदबूदार पानी हरियाणा की सीमा में छोड़ा जा रहा है। यह पानी सेक्टर-4 व सेक्टर-6 की आउटर रोड पर जमा है। इसकी दुर्गंध से लोग परेशान हैं। हर बार पानी जमा होने के बाद अधिकारी मौके का निरीक्षण करते हैं, लेकिन कुछ समय बाद फिर वही स्थिति पैदा हो जाती है। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर भिवाड़ी से निकलने वाले इस प्रदूषित पानी को हरियाणा की सीमा में आने से रोकने की जिम्मेदारी किसकी है।
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भिवाड़ी और धारूहेड़ा प्रशासन के बीच समन्वय की जरूरत
धारूहेड़ा और भिवाड़ी भले ही दो अलग-अलग राज्यों में स्थित हों, लेकिन दोनों औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याएं एक-दूसरे से सीधे जुड़ी हुई हैं। भिवाड़ी से निकलने वाला प्रदूषित पानी हरियाणा की सीमा में आने के बाद धारूहेड़ा के लोगों के लिए परेशानी पैदा करता है। ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि राजस्थान और हरियाणा के संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके का निरीक्षण करे। लोगों का कहना है कि जब तक पानी छोड़ने वाले स्रोत की पहचान कर उसे बंद नहीं किया जाएगा, तब तक केवल सड़क से पानी निकालने से समस्या खत्म नहीं होगी।
धारूहेड़ा में पहुंचा भिवाड़ी का दूषित पानी। संवाद