रेवाड़ी। जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए आधुनिक हॉस्टल का निर्माण शुरू हो चुका है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने महिला हॉस्टल के लिए सेक्टर-16 में एक एकड़ जमीन चुनी है।
सुविधाओं से युक्त हॉस्टल में कामकाजी महिलाएं सुरक्षित तरीके से रह सकेंगी। इस हॉस्टल में 150 महिलाओं के ठहरने की व्यवस्था होगी। हॉस्टल में बेड, फर्नीचर, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं कम शुल्क में मुहैया कराई जाएंगी। यह उन कामकाजी महिलाओं के लिए तैयार किया गया है जो अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा या किसी कारणवश अपने परिवार से अलग रहकर काम कर रही हैं।
विवाहित महिलाएं जिनके पति या परिजन उसी शहर में नहीं रहते, वे भी इस हॉस्टल में रहने के लिए योग्य होंगी। इस योजना में समाज के वंचित वर्गों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। दिव्यांग महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का भी विशेष प्रावधान किया जाएगा।
इस योजना में समाज के वंचित वर्गों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। दिव्यांग महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का भी विशेष प्रावधान जाएगा। हॉस्टल 2026 में बनकर तैयार हो जाएगा।
प्रबंध निदेशक मोनिका मलिक ने दी ये जानकारी
सेक्टर-16 में हॉस्टल के निर्माण को लेकर महिला विकास निगम की प्रबंध निदेशक मोनिका मलिक ने प्रस्तावित जमीन का निरीक्षण किया। डीसी अभिषेक मीणा ने प्रबंध निदेशक को हॉस्टल निर्माण को लेकर प्रशासन की ओर से की जा रही प्रक्रिया के बारे में जानकारी साझा की। मोनिका मलिक ने बताया कि सरकार द्वारा सखी निवास योजना उन कामकाजी महिलाओं के लिए तैयार की गई है, जो अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा या किसी कारणवश अपने परिवार से अलग रहकर काम कर रही हैं।
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हॉस्टल का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग करेगा
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि एचएसवीपी की ओर से रेवाड़ी के सेक्टर-16 में करीब एक एकड़ में आधुनिक स्तर के हॉस्टल का निर्माण करवाया जाएगा। महिला हॉस्टल के निर्माण को लेकर लगभग सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। सुविधाओं से युक्त हॉस्टल में कामकाजी महिलाएं सुरक्षित तरीके से रह सकेंगी। हॉस्टल का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से किया जाएगा।