ट्रांसपोर्ट विभाग के महानिदेशक आरसी बिढ़ान ने शुक्रवार को शहर के बस स्टैंड का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान फर्स्ट एड बॉक्स की जानकारी नहीं दे पाने पर गुरुग्राम रोडवेज के परिचालक इंद्रपाल को सस्पेंड कर दिया गया। इसके साथ बस स्टैंड पर मिलने लापरवाही में सुधार नहीं होने पर जीएम व टीएम का एक दिन का वेतन काटने की चेतावनी दी। महानिदेशक ने खड़ी बसों में फर्स्ट एड बॉक्स, चालक-परिचालक की वर्दी, बसों की टाइमिंग व सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। कुछ बसों में फर्स्टएड बॉक्स ही गायब थे तो किसी में परिचालकों को जानकारी ही नहीं थी। कई बसों में चालकों ने वर्दी भी नहीं पहनी हुई थी। वहीं कुर्सी टूटी हुई थीं।
शुक्रवार को महानिदेशक आरसी बिढ़ान दोपहर सबसे पहले कोसली-नारनौल बूथ पर पहुंचे। यहां बनी दुकानें तो बंद मिली, लेकिन गंदगी का अंबार लगा था। इसके अलावा टूटी कुर्सी, साफ सफाई का बुरा हाल देख ही रहे थे कि इसी दौरान जीएम राजीव नागपाल व टीएम रितू शर्मा भी पहुंच गए। मौके पर ही दोनों अधिकारियों से जवाब मांगा गया। उसके बाद गुरुग्राम बूथ पर लगी रोडवेज बस के अंदर पहुंचे। गुरुग्राम डिपो की इस बस में कई सवारियां बैठी हुई थीं। महानिदेशक ने चालक व परिचालक को बुला लिया। परिचालक इन्द्रपाल से फर्स्टएड बॉक्स व उसकी दवाईयों के इस्तेमाल की जानकारी लेनी चाही,लेकिन परिचालक कुछ भी नहीं बता पाया। इससे महानिदेशक गुस्साएं हो गए और मौके पर ही उसे सस्पेंड करने का आदेश दे दिए।
डीआई के मामले एक सप्ताह में हो जांचरोडवेज विभाग में डीआई यानि ड्यूटी इंस्पेक्टर की कुर्सी को मलाई का पद कहा जाता है। इस कुर्सी पर डिपार्टमेंट के ही कुछ कर्मचारियों की नजर होती है। कुछ चालक-परिचालकों ने डीआई पर परेशान करने का आरोप लगाया। महानिदेशक ने तुरंत इस मामले की जांच कराकर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट देने और सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है।
करीब 15 मीनट तक नहीं पहुंचें चालक-परिचालक, जीएम ढूंढते रहे
झज्जर बूथ प्राइवेट बस लगी हुई थी, जबकि उसके सामने रोहतक जाने के लिए एक रोडवेज बस खड़ी हुई थी। आरसी बिढ़ान बस के अंदर जाकर बैठ गए। बस के अंदर सवारियां तो थी, लेकिन चालक व परिचालक नहीं थे। बस 1 बजकर 17 पर रवाना होनी थी। पहले महानिदेशक ने सवारियों से पूछताछ की और बाद में चालक व परिचालक को तलब किया। करीब 15 मिनट तक बस के अंदर बैठकर डीजी अधिकारियों को चालक व परिचालक को बुलाने का आदेश देते रहे। बाहर अनाउंसमेंट भी होती रही, लेकिन चालक व परिचालक नहीं पहुंचे। डीजी ने तुरंत बस का नया ड्राईवर बुलाकर रवाना करने का आदेश दिया। इसी दौरान बस का चालक बगैर वर्दी पहुंच गया। परिचालक सत्यनाराण पहुंचा तो उससे सीधे फर्स्टएड मांगा। जवाब में सत्यनारायण ने कहा कि वह फर्स्टएड बॉक्स तो घर भूल आया। डीजी ने चेतावनी देते हुए जुर्माना करने के आदेश दिए।
परेशान दिखे जीएम व टीएम
करीब पौने घंटे तक महानिदेशक बस स्टैंड परिसर में घूमते रहे। शौचालय को देखने अंदर गए। बाहर आने के बाद स्टॉल वालों से पूछताछ की। बाद में लटक रहे बिजली के तारों को देखा और फिर अपने फोन में उनकी फोटो कैद की। इस बीच डीजी के सख्त तेवरों को देख निरीक्षण के दौरान पूरे समय जीएम राजीव नागपाल के पसीने नहीं सूखे। साथ ही टीएम का हाल भी इसी प्रकार का दिखा।
सर प्लीज बस चलवा दो लटक कर आना पड़ता है.
निरीक्षण के दौरान करीब दो दर्जन से ज्यादा छात्राएं महानिदेशक आरसी बिढ़ान से मिली और पटौदी रूट पर गांव नानूकलां की ओर जाने वाली बसें अचानक बंद की गई रोडवेज बसों की जानकारी दी। मौके पर ही डीजी ने टीएम रितू शर्मा से जवाब मांगा तो कहा गया कि अब चलवा देंगे, लेकिन डीजी इतने से नहीं माने। पहले रूट पर छात्राओं की संख्या पूछा और फिर एक बस स्पेशल लड़कियों के लिए और एक बस लड़कों के लिए चलाने के आदेश दिए। दोनों बसें शनिवार से रूट पर चलेंगी।
यह सामान्य जांच अभियान था, जिसमें कई खामियां मिली है। खामियों को जल्द से जल्द दूर करने के आदेश दिए गए है। एक-दो कर्मचारियों की लापरवाही भी सामने आई है, जिन पर कार्रवाई के आदेश दिए गए है। निजी बसों की टाइमिंग व कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत के सवाल पर जांच कराने का आदेश दिया है।
-आरसी बिढ़ान, महानिदेशक, रोडवेज।