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Rewari News: बूंदाबांदी के साथ सर्द हवा ने बढ़ाई परेशानी,

Tue, 24 Dec 2024 12:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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फोटो : 24कोसली में दिन के दौरान फसल का दृश्य। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। जिले में सोमवार को बूंदाबांदी के साथ ही चली सर्द हवा ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। लोग ठंड से ठिठुरे नजर आए। सुबह कोहरा छाया रहा। दृश्यता सिर्फ 30 मीटर रहने से वाहन रेंगते नजर आए।
सुबह बूंदाबांदी होती रही। बीच में कुछ समय तक बूंदाबंदी थमी रही लेकिन दोपहर में फिर बूंदाबांदी हुई। यह इस सीजन की पहली बूंदाबांदी है। पूरे दिन धूप नहीं निकली और सर्द हवा चली जिससे लोगों को ठंड से परेशान होना पड़ा। अधिकतम तापमान में साढ़े 5 डिग्री सेल्सियस की कमी देखने को मिली है। रोजाना अधिकतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा था तो वहीं सोमवार को अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। न्यूनतम तापमान में फिलहाल उछाल आया है। न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। इससे पहले न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम खराब होने से पूरे दिन लोग अपने घरों में दुबके रहे। फिलहाल आने वाले दिनों में मौसम में उतार चढ़ाव इसी प्रकार से देखने को मिलेगा। मौसम विभाग का कहना है कि अभी तापमान में और ज्यादा गिरावट आएगी। ठंडी हवाएं भी बड़े पैमाने पर चलेंगी, लोगों को बचकर रहने की जरूरत है।
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नवंबर में एक बार भी नहीं हुई थी बारिश

नवंबर का पूरा महीना बिना बारिश के ही निकल गया था। अगर नवंबर में बारिश की बात करें तो वर्ष 1997 से लेकर अब तक 27 सालों में सिर्फ 7 बार ही हल्की से मध्यम बारिश हुई है। इन वर्षों के दौरान वर्ष 2021 में ही सर्वाधिक 52.6 एमएम बारिश मापी गई थी, जबकि सबसे कम वर्ष 2008 में 0.6 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। वर्ष 1997 से अब तक केवल 7 बार ही नवंबर के माह में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। वर्ष 1998 में 17 एमएम, 2006 में 5.5 एमएम, वर्ष 2008 में 0.6 एमएम, वर्ष 2009 में 15.3 एमएम, वर्ष 2010 में 40.3 एमएम, वर्ष 2018 में 3.0 एमएम व वर्ष 2021 में 52.6 एमएम बरसात दर्ज की गई थी। जिले में सबसे कम बारिश वाला महीना नवंबर व दिसंबर होता है। इन महीनों में सबसे कम बरसात दर्ज होती है। नवंबर में इस बार पश्चिमी विश्वोभ सक्रिय नहीं हुए थे। दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना मौसम विभाग ने जताई थी। ऐसे में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से बरसात दर्ज की जा रही है।

आने वाले दिनों में ऐसा रहेगा मौसम

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह और जनवरी के पहले पखवाड़े में पूरे क्षेत्र में ठंड बढ़ेगी। क्योंकि 25 से 31 दिसंबर और 1 से 7 जनवरी के दौरान उत्तर भारत में बड़े पैमाने पर पश्चिमी विक्षोभ पहुंचने की संभावना है। इस सप्ताह से ऊपरी वायुमंडल की जेट धाराएं दक्षिणायन होने से आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ भी मध्यम श्रेणी में उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने से पूरे पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्र में तेज गति से हवाएं चलने बारिश और ओलावृष्टि की गतिविधियों की संभावना बन रही है।
इनसेट
बूंदाबांदी से किसानों के खिले चेहरे

फोटो: 22-26

कोसली। बूंदाबांदी से जहां जनजीवन अस्तव्यस्त रहा वहीं किसानों के लिए यह बूंदाबांदी वरदान साबित होगी। कस्बे में रात से रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। किसानों का कहना है कि भले ही बरसात कम हो रही है, लेकिन फसलों में इस बूंदाबांदी से जबरदस्त फायदा होगा। इससे फसलों की बढ़वार होगी। किसानों का कहना है कि लंबे समय से बरसात की दरकार थी। मगर निराशा ही हाथ लग रही थी। अभी चाहे बूंदाबांदी हो रही है, मगर यह बूंदाबांदी किसानों के लिए किसी टॉनिक से काम नहीं है। इस बूंदाबांदी के माध्यम से फसलों की पैदावार बढ़ेगी। ठंड में भी काफी वृद्धि देखने को मिलेगी। अभी जितनी ठंड पड़ेगी, उतना ही फायदा फसलों को होगा और फसलें भी जल्दी पक कर तैयार होगी। किसानों ने बताया कि पानी देने से भी छुटकारा मिलेगा।


वर्जन:


यह बूंदाबांदी फसलों के काफी लाभदायक है। इससे फसलों में आगे चलकर पैदावार में भी बढ़ोतरी होगी। लंबे समय से बरसात की मांग की जा रही थी।-इंद्रराज सिंह, किसान, भाकली,
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इस समय की बूंदाबांदी से फसलों में लाजवाब फायदा होगा। कुछ दिन किसानों को ऐसे मौसम में पानी देने से भी छुटकारा मिलेगा।-इंद्रजीत, किसान, कोसली
इस समय की फसलों में तो इतनी बूंदाबांदी ही खाद का काम करेगी। अब तक सर्दी कम होने से फसलों में जल्दी पानी देना पड़ रहा था। इससे छुटकारा मिलेगा। सर्दी बढ़ने से सरसों, गेहूं के लिए काफी फायदेमंद रहेगा।-सुभाष यादव, किसान,जुड्डी
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