फोटो: बावल रोड पर ठंड से राहत पाते हुए दुकान के बाहर अलाव सेकते युवा।संवाद
रेवाड़ी। जिले में तीसरे दिन भी बादल छाए रहे। सर्द हवा के साथ शीत लहर के चलते ठिठुरन बढ़ गई जिससे लोगों को घरों में दुबकने के लिए विवश होना पड़ा। ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। शनिवार को न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 3.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है जिससे रात में गलन बढ़ गई। जबकि अधिक 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अधिकतम तापमान में आधा डिग्री और न्यूनतम में 6 डिग्री की कमी देखी गई। पिछले दिनों हुई बूंदाबांदी के बाद शनिवार को पूरे दिन बदली रही लेकिन बारिश नहीं हुई। शीतलहर के कारण जगह-जगह लोग अलाव के सामने बैठे नजर आए। क्षेत्र में मौसम बार-बार बदल रहा है। कभी कड़ाके की ठंड तो कभी धुंध और कोहरा, कभी पाला और कभी साफ मौसम रह रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक जनवरी में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। पहले सप्ताह में ठंड का प्रकोप जारी रहेगा। इसके बाद 9 जनवरी को एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से मकर संक्रांति तक उत्तरी हवा के कारण ठिठुरन बनी रहेगी। इस दौरान हल्की बारिश की संभावना भी है। जिन क्षेत्रों में बारिश होगी, वहां कोहरा छा सकता है और जहां पाला गिरेगा, वहां धुंध नहीं रहेगी।
फसलों के लिए अनुकूल मौसम : किसानों का कहना है कि फिलहाल मौसम फसलों के अनुकूल है। रबी फसलों के लिए सर्दी आवश्यक है, लेकिन लंबे समय तक खराब मौसम या सूर्य का अभाव फसलों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
वहीं कोसली क्षेत्र में लगभग 16,500 हेक्टेयर में सरसों और 5,000 हेक्टेयर में गेहूं की फसल लगी है। इस बार ठंड के चलते मधुमक्खी पालक नहीं आए हैं। किसानों ने फसलों की देखभाल जारी रखी है और उम्मीद जताई कि जल्दी ही फसल पक जाएगी।