सर्द हवा के चलते सुबह सूर्योदय के पश्चात लालिमा बिखेरता सूरज।
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रेवाड़ी। पहाड़ों पर बर्फ गिरने के बाद ठिठुरन बढ़ गई है। बुधवार को दिनभर शीतलहर चलने से रात व दिन के पारे में काफी गिरावट आई है। 11 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से शीतलहर के कारण लोग ठंड से ठिठुरते दिखाई दिए, वहीं पारा गिरने से डेंगू का प्रकोप भी कम हो गया है। दिनभर धूप खिली रही, लेकिन शीतलहर के कारण लोगों को मौसम की पहली ठंड का अहसास हुआ।
खेतों में अब ओस भी जमने लगी है।
दिसंबर के सात दिन बीतने के बाद अब सर्दी बढ़नी शुरू हो गई है। अब लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को लोगों को सुबह से ही पहाड़ों जैसी ठंड का सामना करना पड़ा। सुबह को आसमान में धुंध जैसे हालातों के चलते सूरज के दर्शन भी देरी से हुए। आसमान में धूप खिलने से लोगों को राहत तो महसूस है, लेकिन इस शीतलहर चल पड़ी, जिससे लोगों की कंपकंपी छूटने लगी। बुधवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार के मुकाबले बुधवार को अधिक ठंड महसूस की गई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. जोगेंद्र यादव का कहना है कि वहीं खेतों व शहर के पार्कों में सुबह घास पर ओस पड़ने लगी है। ओस गेहूं और सरसों की फसल के लिए अच्छी लाभदायक है।
ऊनी कपड़ों का बढ़ा कारोबार
ठंड बढ़ने से ऊनी कपड़ों का कारोबार बढ़ गया है। कैप, शॉल, मफलर और जैकेट की खरीदारी के लिए लोग बाजारों में उमड़ रहेे हैं। दुकानों पर बुधवार को महिलाओं की भीड़ रही। बच्चों के कपड़े अधिक बिके। इसके अलावा लोगों ने ऑनलाइन ऑर्डर करके भी कपड़े मंगवाए हैं।