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Rewari News: कोचिंग संस्थानों और निजी अस्पतालों ने पार्किंग की व्यवस्था बनाने के लिए मांगा समय

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फोटो: 14रेवाड़ी। सर्कुलर रोड पर एक बैंक के बाहर बिना पार्किंग के खड़े वाहन। संवाद
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रेवाड़ी। शहर स्थित निजी कोचिंग संस्थानों और निजी अस्पतालों ने पार्किंग व्यवस्था बनाने को लेकर डीएमसी राहुल मोदी से समय मांगा है। दरअसल, अधिकतर निजी संस्थाओं और निजी अस्पतालों के पास खुद के पार्किंग स्थल नहीं है। ऐसे में यहां आने वाले लोगों को सड़क पर ही अपने वाहनों को खड़ा करना पड़ता है। इसे देखते हुए डीएमसी राहुल मोदी ने कोचिंग संस्थानों और अस्पताल के संचालकों के साथ बातचीत की थी, ताकि कोई समाधान निकल सके। पार्किंग की व्यवस्था बनाने को लेकर कुछ दिनों का समय मांगा गया। शहर में 10 से ज्यादा अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक में कुछ को छोड़कर पार्किंग की सुविधा नहीं है। दिन प्रतिदिन ऐसे संस्थानों की संख्या और बढ़ती ही जा रही है। सरकुलर रोड, गोशाला रोड, रेलवे स्टेशन मार्ग के अलावा कई अन्य जगहों पर निजी अस्पताल व क्लीनिक चल रहे हैं। अस्पतालों के पास अपनी खुद की एंबुलेंस खड़ी करने की भी जगह नहीं होती है। ज्यादातर क्लीनिक्स नर्सिंग होम एक्ट का पालन नहीं करते और न ही उनके पास मरीजों के लिए तय मानकों के हिसाब से सुविधाएं हैं। अस्पताल की लापरवाही का नतीजा लोगों को भुगतना पड़ता है। कई बार तो अस्पताल के बाहर से बाइक चोरी होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। अगर पार्किंग स्थल हो तो ऐसी घटनाएं कम हो सकती हैं।
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नालों पर बना रखे हैं पक्के स्लैब:
कई निजी अस्पतालों ने तो फुटपाथों पर भी कब्जा कर रखा है। अस्पतालों ने नालों के ऊपर सीढ़िया बना रखी हैं, यही नहीं अस्पतालों के जो जरनेटर हैं वह भी नाले के ऊपर ही रखे गए हैं। ऐसे में अगर इन नालों की सफाई नगर परिषद द्वारा कराने की कोशिश भी की जाए तो काफी मुश्किल है। इन निजी अस्पतालों द्वारा किए गए नालों पर अवैध कब्जे को लेकर नगर परिषद ने कोई भी कार्यवाही नहीं की है।

सर्कुलर रोड पर हैं सबसे ज्यादा अस्पताल
सबसे ज्यादा अस्पताल सरकुलर रोड पर हैं। यहां पर कई बार स्थिति इतनी ज्यादा खराब हो जाती है कि कई घंटों तक जाम लग जाता है। नाईवाली चौक के पास 2 से 3 किलोमीटर तक जाम लग जाता है। इसी मार्ग से लोग शहर के विभिन्न बाजारों में प्रवेश करते हैं। वहीं, सड़कों की चौड़ाई भी काफी कम हो जाती है। कई बार तो दोपहिया वाहन निकलना भी मुश्किल हो जाता है। नाईवाली चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस कर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
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क्या कहते हैं नियम
निर्धारित नियमावली के तहत अस्पताल में जितने बेड हैं, उस हिसाब से वाहन पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए। कुछ चिकित्सकों ने तो रहने के लिए बनाए गए आवास में ही नर्सिंग होम खोल रखे हैं। जहां पार्किंग की सुविधा नहीं है। फायर एनओसी को लेकर भी संशय है। यहां तक कि किसी आपात स्थिति में निकलने के लिए इमरजेंसी निकास की व्यवस्था भी नहीं की गई है।
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वर्जन:
निजी कोचिंग संस्थानों और निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ पार्किंग व्यवस्था बनाने को लेकर मीटिंग हुई थी। मीटिंग में पार्किंग व्यवस्था को बनाने के लिए कहा गया था। संचालकों की तरफ से पार्किंग व्यवस्था को लेकर समय मांगा गया है। जल्द ही व्यवस्था सुधारी जाएगी।
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- राहुल मोदी, डीएमसी रेवाड़ी
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