दीपावली के दिन सुबह करीब 11 बजे शहर के मुख्य बाजार में भीड़ थी, इसी दौरान पुरानी सब्जी मंडी के कोने वाले तीन मंजिली कपड़ों के शोरूम में तेज आवाज आई और इमारत आगे की ओर झुक गई। आनन-फानन में सूचना प्रशासन व दमकल विभाग को दी गई।
भारी भीड़ के चलते तत्काल बाजार को सील कर दिया और इमारत को गिराने के लिए काम शुरू किया। इमारत को गिराने का काम दो दिन से चल रहा है, लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया। ऐसे में आसपास के दुकानदारों से लेकर नजदीक बारा हजारी के 100 से अधिक घरों में दीपावली के दिन अंधेरा छाया रहा। वहीं, रविवार देर रात तक भी बिजली गुल थी। हालांकि सुबह पेयजल संकट गहराता देख एक घंटे के लिए बिजली दी गई।
बता दें कि बाजार से 11केेवी बिजली लाइन भी गुजर रही है, ऐसे में बिजली निगम ने खतरे को भांपते हुए पांच ट्रांसफार्मर की सप्लाई को ही बंद कर दिया है। दो दिन से अधिकारियों की देखरेख में इमारत को हटाने का काम किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार शहर के मोहल्ला भजन का बाग निवासी मनोज पुत्र सतीश कुमार ने एसके गारमेंट्स के नाम से पुरानी सब्जी मंडी के कोने पर तीन मंजिला शोरूम किया हुआ है।
व्यापारियों को लाखों का नुकसान
शहर के भाड़ावास गेट से होते हुए पुरानी सब्जी मंडी, मोती चौक सहित सभी बड़े बाजारों में जाने के लिए सुविधाजनक रास्ता है, लेकिन दीपावली के दिन सुबह 11 बजे ही पुलिस ने तीन तरफ से बाजार को बंद कर दिया। ऐसे में यहां दुकान चलाने वाले सैकड़ों की संख्या में दुकानदारों को त्योहार के दिन आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा। वहीं अन्य बाजारों में जाने के लिए भी लोगों को तंग गलियों से परेशान होकर गुजरना पड़ रहा है।
इमारत के पास से 11केवी लाइन जा रही है, ऐसे में पांच ट्रांसफार्मर की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है। इससे आसपास की दुकानों व बारा हजारी के घरों में बिजली सप्लाई बंद है। इमारत टूटने तक एहतियात के तोर पर सप्लाई बंद रखी जाएगी।
- विपिन यादव, एसडीओ सिटी- 1
सुरक्षा के साथ खिलवाड़ : नप अधिकारियों को नहीं पता तीन मंजिला भवन का नक्शा है या नहीं
शहर के मुख्य बाजार में तीन मंजिला शोरूम आगे की ओर झुक जाता है, यदि इमारत गिर गई होती तो जान-माल के नुकसान का आंकलन करना भी मुश्किल था। क्योंकि झुकने के वक्त शोरूम से लेकर आसपास हजारों की संख्या में लोग दीपावली की खरीदारी कर रहे थे। पास से ही 11केवी बिजली लाइन भी गुजर रही है।
ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है, लेकिन हालात ऐसे हैं कि नप अधिकारियों को यह तक नहीं पता कि शोरूम का नक्शा बना हुआ है या नहीं। जबकि नप की ओर से नक्शा पास करने के लिए एक एमई व जेई की नियुक्ति की हुई है। यह इकलौती इमारत नहीं है शहर के बाजारों में सैकड़ों की संख्या में ऐसे भवनों में शोरूम व दुकानें चल रही हैं, जिसके चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अधिकारी पुरानी बिल्डिंग बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
नगर परिषद ईओ अभय यादव से बातचीत..
प्रश्न- तीन मंजिला भवन का नक्शा है या नहीं?
उत्तर- दुकानदार को नोटिस दे दिया गया है, इमारत तोड़ने का काम चल रहा है।
प्रश्न- सर हम पूछना चाहते हैं कि शोरूम का नक्शा पास हुआ या नहीं?
उत्तर- पूरानी बिल्डिंग है, नक्शा है या नहीं इसका पता सोमवार को लग पाएगा।
प्रश्न- नक्शा पास करने वाले अधिकारी क्या कर रहे हैं?
उत्तर- कहां पर खामी रही इसकी जांच कराई जाएगी।
प्रश्न- क्या अधिकारी किसी हादसे का इंतजार कर रहे हैं?
उत्तर- ऐसा नहीं है पूरी गंभीरता के साथ काम किया जा रहा है।
प्रश्न- शहर के अंदर कुछ पुरानी हवेली भी हैं, उनसे भी हादसों का डर है?
उत्तर- जल्द ही एक कमेटी गठित कर इस तरह के भवन मालिकों को नोटिस दिया जाएगा।