कोरोना महामारी के बीच शहर के व्यापारी सेल्फ लॉकडाउन जैसा अहम निर्णय ले सकते हैं। शहरभर के विभिन्न बाजारों के प्रधानों की शुक्रवार को भाड़ावास गेट के निकट अहम बैठक हुई। इसमें व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि जिस तेजी से कोरोना संक्रमण फैल रहा है, उसको देखते हुए अब जरूरी हो गया है कि बाजारों को बंद कर दिया जाए। ऐसा करने के लिए उन लोगों को सरकार व जिला प्रशासन के सहयोग की आवश्यकता है। व्यापारियों ने गहन मंथन के बाद शनिवार को एक बार फिर से बैठक बुलाई है, जिसमें इस फैसले पर मुहर लग सकती है। व्यापारियों ने कहा - अब लॉकडाउन जरूरी
रेवाड़ी व्यापार मंडल के बैनर तले एकत्रित हुए व्यापारियों ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं। बड़ी तादाद में लोग जिले में संक्रमित हो चुके हैं। इतना ही नहीं बहुत काफी संख्या में लोग इसकी चपेट में आकर दम भी तोड़ रहे हैं। ऑक्सीजन व अस्पतालों में बेड की भी कमी बनी हुई है। बाजार खुलते हैं तो लोगों की भीड़ भी आ रही है। बहुत से लोग तो मास्क ही नहीं लगाते। समझाने के बाद भी शारीरिक दूरी का ध्यान नहीं रखते। ऐसे हालात में व्यापारी भी संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। समाज के हित में अब यही रहेगा कि हम सभी लोग मिलकर सेल्फ लॉकडाउन करें। व्यापारियों ने कहा कि उनके सेल्फ लॉकडाउन में प्रशासन की तरफ से भी पूरा सहयोग मिलना चाहिए।
बैठक में बजाजा बाजार के प्रधान दीपेश भार्गव, स्वर्णकार एसोसिएशन प्रधान नीरज सोनी, गोकल गेट एसोसिएशन के प्रधान विपिन अग्रवाल, रेलवे रोड प्रधान नरेंद्र कुमार, नया बाजार के प्रधान सुरेश सैनी, अपना बाजार के प्रधान परमाल छाबड़ी, भाड़ावास रोड एसोसिएशन के प्रधान धीरज शर्मा, सराफा प्रधान के प्रधान प्रदीप जैन बबलू, गुड़ बाजार किराना मर्चेंट एसोसिएशन के प्रधान मुकेश जैन आदि विशेष तौर पर मौजूद थे।
वर्जन
कोरोना संकट बेहद बड़ा हो चुका है। शहरभर के व्यापारियों ने बैठक करके सेल्फ लॉकडाउन लगाने के बारे में विचार किया है। हम लोग एक सप्ताह का लॉकडाउन अपने स्तर पर ही लगाने की तैयारी कर रहे हैं, जिसको लेकर शनिवार को भी बैठक बुलाई गई है। प्रशासन का सहयोग रहा तो व्यापारी अपने स्तर पर यह बड़ा कदम उठाने को तैयार हैं।
- अनिल अरनेजा, व्यापार मंडल वर्किंग कमेटी