रेवाड़ी। शहर के हरिओम अग्रसेन परिसर में अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और वरिष्ठ नागरिकों ने शहर की सफाई व्यवस्था, बेसहारा पशुओं की समस्या, जर्जर सड़कों और आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा की। वरिष्ठ नागरिक मंच के पदाधिकारियों ने शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने, बेसहारा पशुओं को गोशाला भेजने और जर्जर सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की।
वरिष्ठ नागरिक संगठन के प्रधान मुरारी लाल ने कहा कि शहर के कई हिस्सों में नियमित सफाई नहीं होने से कूड़े के ढेर लगे हैं। सफाई कर्मचारियों की कमी है तो नई भर्ती की जानी चाहिए, ताकि शहर में नियमित रूप से सफाई हो सके।
समाजसेवी रमेश सचदेवा ने कहा कि चौक, बाजार और प्रमुख चौराहों पर डस्टबिन रखने की मांग की। ईश्वर चंद्र शर्मा, नरसी प्रधान, महावीर प्रसाद शर्मा, सुरेश कुमार, रामतीर्थ शास्त्री, एमएल शर्मा ने भी समस्याएं उठाईं।
आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति हो : लोक जन सेवा मंच के प्रधान रमेश मुद्गल ने कहा कि आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार हैं और आरक्षण का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए।
आर्थिक रूप से सक्षम लोगों के बजाय गरीब, आर्थिक रूप से कमजोर और दिव्यांग लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। मुद्गल ने कहा कि मंच जातिगत आरक्षण में संशोधन कर आर्थिक आधार पर व्यवस्था लागू करने की मांग करता है।
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बेसहारा पशुओं से हो रही घटनाएं
हरिशंकर शास्त्री, खुशीराम शर्मा, नरेंद्र जोशी, रविंद्र मुद्गल ने शहर में बेसहारा पशुओं की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूम रहे पशुओं के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। अब तक दो बुजुर्गों की मौत होने की बात सामने आ चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया। पदाधिकारियों ने प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की मांग की।
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सड़कों पर बने गड्ढों से हादसे की आशंका
अमरनाथ अत्री, रमेश मेहंदी रत्ता, ईश्वर सिंह आर्य, धर्मवीर आर्य ने कहा कि शहर की कई सड़कों की हालत खराब है जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। जगह-जगह सड़कें टूटी हुई हैं और बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। इससे हादसे का भी डर बना रहता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति अधिक जोखिमपूर्ण बनी हुई है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का पता नहीं चल पाता, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से सड़कों की मरम्मत नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से टूटी सड़कों की जल्द मरम्मत कराने और गड्ढों को भरवाने की मांग की है।