संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नगर परिषद की पिछले दिनों हुई बैठक में विधायक व जिला नगर आयुक्त (डीएमसी) के सामने सफाई व्यवस्था का मुद्दा उठा था। सफाईकर्मचारियों की कमी के चलते अपेक्षित सफाई नहीं हो रही है। ऐसे में नगर परिषद ने अब रात में सफाई कराने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। प्रस्ताव मंजूर होता है तो 200 सफाईकर्मी लगाए जाएंगे और शहर साफ सुधरा नजर आएगा।
शहर में 3 साल पहले 150 और सफाई कर्मचारियों की जरूरत थी। नगर परिषद की चेयरपर्सन पूनम यादव ने सरकार को सफाईकर्मियों की नियुक्ति की मांग सरकार से की थी। अब तक नए सफाई कर्मचारी तो नहीं मिले, पुराने सफाईकर्मियों में भी 20 कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गए। वर्तमान में नगर परिषद में 336 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। वार्डों में इनकी ड्यूटी ठीक संतुलन में नहीं लगने के कारण सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है। पार्षद यह मुद्दा कई बार उठा चुके हैं। कुछ दिन पहले डीएमसी अनुपमा अंजलि के सामने भी अव्यवस्था की शिकायतें पहुंची तो उन्होंने सीएसआई को फटकार लगाते हुए व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे। चेयरपर्सन ने अब शहर में नाइट स्वीपिंग के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है। यदि प्रस्ताव व टेंडर को मंजूरी मिली तो कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी और शहर में अपेक्षित सफाई हो सकेगी।
कमेटी गठित की, फिर भी नहीं हुई भर्ती
सरकार की ओर से जिलास्तर पर कमेटियां गठित की गई थी, जिन्हें शहरी क्षेत्र के लिए सफाई कर्मचारियों की भर्ती करनी थी। रेवाड़ी शहर में कितने कर्मचारी भर्ती किए जाएंगे, इसका सीधे तौर पर स्पष्ट निर्देश नहीं था लेकिन बताया गया कि स्वीकृत पदों को ही भरा जा सकता है। 2023 के रिकॉर्ड के अनुसार रेवाड़ी नगर परिषद में 372 पोस्ट हैं जबकि कार्यरत 336 कर्मचारी है। इस हिसाब से शहर को 36 कर्मचारी और मिल सकते हैं लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। निर्देश के अनुसार नगर परिषद व पालिकाओं के लिए कमेटी 5 सदस्यीय होगी, जिसके डीसी चेयरमैन होंगे। जबकि एडीसी, डीएमसी, नप एक्सईएन व निदेशालय का एक प्रतिनिधि इस कमेटी में बतौर सदस्य शामिल होंगे।
400 लोगों पर 1 सफाईकर्मी रखने का नियम
सरकारी नियमानुसार 400 व्यक्तियों पर एक सफाई कर्मचारी लगाया जा सकता है। इसी के अनुसार पदों को स्वीकृत किया जाता है। रेवाड़ी में इस समय 372 स्वीकृत पद हैं, जबकि यहां की आबादी 2 लाख से अधिक है। बाहरी लोगों के आकर बसने से आबादी बढ़ी है। इस हिसाब से यहां कम से कम 500 कर्मचारी होने ही चाहिए। कम से कम 150 कर्मचारी और लगाने चाहिए। यह स्थिति 2022-23 की थी। अब 20 कर्मचारी रिटायर होने से जरूरत भी बढ़ी है।
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वर्जन
सफाईकर्मियों की कमी को दूर करने के लिए 2020 से प्रयास किया जा रहा है। 150 सफाई कर्मचारियों की मांग की गई थी लेकिन सफलता नहीं मिली। अब रात में सफाई का प्रस्ताव भेजा जा रहा है। टेंडर स्वीकृत होने के बाद समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। इस टेंडर के अनुसार ठेकेदार 200 कर्मचारी लगाएगा। इनमें से 50-60 कर्मचारी दिन में सफाई के लिए लगाए जाएंगे। इस पर स्वीकृति मिलनी है। - पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।