सिविल अस्पताल में इलाज के लिए पर्ची कटाते लोग। संवाद
रेवाड़ी। मौसम बदलने और प्रदूषण बढ़ने से शहर में बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। सिविल अस्पताल में पिछले 15 दिनों में बच्चों, मेडिसिन, आंख और एलर्जी की ओपीडी 15 से 25% तक बढ़ गई है। अकेले बच्चों की ओपीडी ही 150 से बढ़कर 200 के करीब पहुंच गई है।
पिछले 12 दिनों में 1332 बच्चे इलाज के लिए पहुंचे। इनमें 75 फीसदी बच्चों में खांसी, जुकाम, बुखार, वायरल और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत मिली।
इनमें से 74 बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। रोजाना 6 से ज्यादा बच्चों को एडमिट किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार इस समय चल रहा वायरल 3 से 5 दिन में ठीक हो रहा है।
कई बच्चों में छाती का इंफेक्शन भी मिलने लगा है। निमोनिया के मरीज भी अब बढ़ने लगे हैं। प्राइवेट अस्पतालों में भी 25% तक मरीज बढ़े हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बदलता मौसम बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा परेशानी का कारण बन रहा है।
मेडिसिन की ओपीडी में 2916 मरीज
12 दिनों में मेडिसिन विभाग में 2916 मरीज पहुंचे। इनमें भी ज्यादातर वायरल के मरीज थे। डेंगू के रोजाना 4–5 मरीज मिल रहे हैं। ठंड बढ़ने के बावजूद डेंगू का प्रकोप कम नहीं हुआ है।
बच्चों की विशेष देखभाल की अपील
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका ने बताया कि बच्चों को हमेशा गर्म कपड़े पहनाए रखने चाहिए। बच्चों को ठंडा पानी, आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक न दें क्योंकि इससे सर्दी-जुकाम और गले के संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। इसके स्थान पर बच्चों को गुनगुना पानी, हल्की चाय और ताजे फलों का रस देने की सलाह दी गई है। बच्चों को धूप में ही बाहर खेलने के लिए ले जाएं क्योंकि सुबह की धूप शरीर को प्राकृतिक गर्माहट देती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि बच्चे की सांस तेज चलने लगे या छाती धंसने लगे तो इसे गंभीर लक्षण मानते हुए तुरंत नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर उपचार न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।