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बिसोहा हाई स्कूल पर बच्चों ने जड़ा ताला

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कोसली। मैथ, साइंस, हिंदी, अंग्रेजी सहित दस शिक्षकों को ट्रांसफर ड्राइव में पद खत्म करने के विरोध में बुधवार को दोबारा से बिसोहा हाईस्कूल के विद्यार्थियों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। मौके पर पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय सुप्रीडेंट सुरेश कुमार व बव्वा स्कूल के प्राचार्य जयभगवान को विद्यार्थियों ने वापस भेज दिया।
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बिसोहा स्थित राजकीय हाईस्कूल में ट्रांसफर ड्राइव में दस शिक्षकों को केप्ट रखने के विरोध में 20 अगस्त को छात्र-छात्राओं ने स्कूल के मेन गेट पर ताला जड़ दिया था। उस समय खंड शिक्षा अधिकारी कंवर सिंह ने एक सप्ताह में शिक्षकों की समस्या को हल करने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद ताला खोल दिया था। लेकिन 15 दिन बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया और स्कूल में शिक्षकों की संख्या तीन ही रहने पर बुधवार को स्कूल के बच्चे व अभिभावक बिफर गए और बच्चों ने सुबह ही स्कूल के गेट को बंद कर दिया। सूचना पाकर अभिभावक व ग्रामीण भी पहुंच गए ओर स्कूल के मेन गेट पर बैठ गए। जिससे शिक्षक अंदर ही रह गए ओर बच्चो ने बाहर के मेन गेट के पास बस्ते रख सरकार विरोधी नारे लगाए। दो बजे स्कूल का समय खत्म होने पर बच्चे व ग्रामीण धरना स्थल से अपने घरों के लिए चले गए।
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धरना हर रोज जारी रखा जाएगा स्कूल समय तक
इस विषय में ग्रामीण कृष्ण, ओमप्रकाश, संतलाल, अजीत, सुरेश, शीला देवी, सुनीता, कमलेश, ममता, मंजू, रेशमा, बिमला, सोनू, सिलोचना आदी का कहना है कि सरकार के इस गलत फैसले के कारण ग्रामीणों में काफी रोष हैं, ग्रामीणों का आरोप हैं कि सरकार इन पदों को खत्म कर बच्चों का भविष्य अंधकारमय कर दिया हैं। इनकी मंशा सरकारी स्कूलों को निजी हाथों में सौंपने की है। वहीं स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं ने कहा कि उनके भविष्य का क्या होगा। हम पढ़ना चाहते हैं हमें पढ़ाई से रोका जा रहा है। उधर सूचना के बाद खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों ने स्कूल के गेट पर लगे ताले को खुलवाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन छात्र छात्राओं ने साफ तौर पर कहा कि जब तक शिक्षा विभाग उनके स्कूल में खाली शिक्षकों कि पोस्ट पर शिक्षक नहीं भेजेंगे हम ताला नहीं खोलेंगे। इस कि सूचना जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई।
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- चार घंटे बाद पहुंचे प्रतिनिधि
सुबह आठ बजे से चले रहे धरने व गेट बंद कि सूचना के चार घंटे बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने बव्वा के प्राचार्य को बिसोहा स्कूल भेजा। जिसे ग्रामीणों ने व बच्चों ने स्कूल के मेन गेट के बाहर से ही वापस कर दिया। साथ ही कहा कि जब शिक्षक ही नहीं तो शिक्षा नहीं। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा भेजे गए प्राचार्य जयभगवान ने गेट का ताला खोलने व बैठकर बात करने को ग्रामीणों से कहा, लेकिन ग्रामीण व छात्र-छात्राएं गेट का ताला खोलने के लिए तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि हमने पहले ही 20 अगस्त को धरने के दौरान कहा था कि एक सप्ताह में समाधान नहीं किया तो हम अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी खाली शिक्षकों के पदों का कोई समाधान नहीं हुआ है।
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