रेवाड़ी। जिले में गोवंशों में लंपी चर्म रोग के संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन सजग है। सरकार ने पशुओं का टीकाकरण तेजी से कराया जा रहा है। जिले में यह काम 99 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। उक्त जानकारी अशोक कुमार गर्ग ने दी है।
उन्होंने कहा कि पशुपालक इस वायरस से बचाव के लिए पशुपालन विभाग के सहयोगी बनें और पशुधन बचाव में अपनी भागीदारी निभाएं। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग की ओर से लंपी चर्म रोग वायरस से बचाव के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया गया है। ताकि पशुओं को लंपी स्किन वायरस के प्रकोप से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी जिला में लंपी चर्म रोग वायरस का संक्रमण इतना नहीं है फिर भी पशुपालकों को सावधानी के तौर पर पूरी एहतियात बरतनी चाहिए।
उप निदेशक पशुपालन विभाग डॉ. भूप सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से रेवाड़ी जिला में टीकाकरण अभियान के तहत सजगता बरतते हुए अब तक 99 प्रतिशत गायों का टीकाकरण किया जा चुका है व शेष बची गायों को टीकाकरण का कार्य जारी है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि जिले में लंपी चर्म रोग वायरस को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। इसके लिए पशु मेलों के आयोजन, पशुओं को खरीदने व बेचने तथा बीमार गाय, भैंस आदि पशुओं को जोहड़ व तालाबों पर ले जाने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया गया है। आदेश की अवहेलना करने वालों कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह वायरस जनित रोग मुख्यतया गोवंशाें में पाया जाता है। भैंसों में यह रोग न के बराबर है। वायरस का संक्रमण गर्म व नम मौसम में मक्खी, मच्छर व चीचड़ आदि के काटने से फैलता है।